{"_id":"5df4b7218ebc3e87c430aeff","slug":"uttarakhand-bjp-organisational-election-these-four-districts-create-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में इन चार जिलों की कमान को लेकर भाजपा में घमासान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में इन चार जिलों की कमान को लेकर भाजपा में घमासान
Sun, 15 Dec 2019 10:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 15 Dec 2019 10:36 AM IST
सार
- पसंद के दावेदार के लिए मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक ने लगाया दम
- सहमति न बनने से अब केंद्रीय नेतृत्व करेगा दावेदारों के भाग्य का फैसला
विज्ञापन
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आम सहमति से सांगठनिक चुनाव कराने की भाजपा की कोशिशें चार जनपदों में आकर ठहर गई हैं। पार्टी ने 10 जिलाध्यक्षों के निर्वाचन की घोषणा तो कर दी, लेकिन उत्तरकाशी, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार और देहरादून महानगर के अध्यक्ष की कमान के लिए अंदरूनी घमासान खासा तेज है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री से लेकर सरकार के मंत्री व वरिष्ठ विधायक तक अपनी पसंद के दावेदार के हाथों में जिलाध्यक्ष की बागडोर सौंपना चाहते हैं। हालात ये हैं कि जब उनके बीच सहमति के प्रयास कामयाब नहीं हो पाए तो अब केंद्रीय नेतृत्व को मैदान में उतरना पड़ रहा है। पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो एक दो दिन में पार्टी के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश देहरादून आएंगे और उनकी सहमति के बाद जिलाध्यक्षों के निर्वाचन की घोषणा होगी।
विज्ञापन
देहरादून महानगर के अध्यक्ष को लेकर निवर्तमान अध्यक्ष विनय गोयल के अलावा पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत मित्तल और सीताराम भट्ट के नाम सामने आ रहे हैं। मित्तल पार्टी के पुराने और निष्ठावान नेताओं में से हैं। सीताराम भट्ट भी पार्टी के समर्पित नेताओं में माने जाते हैं। पार्टी का अभी तक यही रुझान रहा है कि नगर निगम का मेयर या मेयर पद पर चुनाव लड़ा प्रत्याशी यदि पर्वतीय मूल का रहा तो पार्टी ने वैश्य समाज से जुड़े नेता को महानगर की कमान सौंपी। बहरहाल, दावेदारी की जंग काफी तेज है और बाजी किधर भी जा सकती है।
विज्ञापन
उत्तरकाशी में निवर्तमान जिलाध्यक्ष व पूर्व जिलाध्यक्षों के बीच घमासान है। वहां श्याम डोभाल, हरीश डंगवाल, रामसुंदर नौटियाल और रमेश चौहान में से किसी एक नाम पर सहमति बनाने के प्रयास नाकाम रहे हैं। संगठन से जुड़े सूत्रों की मानें तो इनसे बाहर भी कोई नाम सामने आ सकता है। हरिद्वार जिलाध्यक्ष को लेकर 16 कार्यकर्ताओं ने दावेदारी की थी, जिनमें से अब चार दावेदारों के बीच मुकाबला माना जा रहा है।
इनमें निवर्तमान जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान के अलावा विकास तिवारी, सुशील चौहान और आशुतोष चौहान में से किसी एक नाम पर सहमति बनाने के प्रयास हो रहे हैं। ऊधमसिंह नगर में निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिव अरोरा के खिलाफ रुद्रपुर के विधायक राजकुमार ठुकराल के खुलकर मैदान में उतर जाने के बाद उनकी दावेदारी कमजोर मानी जा रही है। पैनल में जो नाम बताए जा रहे हैं, उनमें भारत भूषण चुघ, अनिल चौहान और मनोज पाल के नाम शामिल हैं। लेकिन अचानक राजेश कुमार का नाम भी तेजी से उभर कर सामने आया है। राजेश कुमार प्रदेश सरकार के दर्जाधारी हैं और संघ के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं।
22 को दून में जुट सकते हैं भाजपा के दिग्गज
पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनाने के लिए 22 दिसंबर को देहरादून में पार्टी के कई दिग्गज जुट सकते हैं। इस दिन राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान और अर्जुन मेघवाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट बैठक करेंगे। ये बैठक प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनाने के उद्देश्य से हो सकती है। इससे पूर्व सांसद विनय सहस्त्रबुद्धि 20 दिसंबर को देहरादून आएंगे। उन्हें आरएसएस का खांटी नेता माना जाता है।