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उत्तराखंड: ग्राम प्रधान से लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने तक, ऐसा रहा बंशीधर का राजनीतिक सफर

Thu, 16 Jan 2020 10:13 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 16 Jan 2020 10:13 PM IST
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Uttarakhand bjp New President Banshidhar Bhagat Political Profile
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कालाढूंगी से भाजपा विधायक बंशीधर भगत का ग्राम प्रधान से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने तक का सफर शानदार रहा। ग्राम प्रधान के बाद विधायक बनने से लेकर तत्कालीन यूपी में कल्याण सिंह की सरकार और बाद में उत्तराखंड में नित्यानंद स्वामी और खंडूरी सरकार में मंत्री तक की जिम्मेदारी संभाली। अब उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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बंशीधर भगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से प्रभावित होकर 1975 जनसंघ से जुड़े। 1982 में किसानों की समस्याओं के संघर्ष के लिए किसान संघर्ष समिति का गठन हुआ तो समिति में वह हल्द्वानी विकास खंड के अध्यक्ष चुने गए थे। समिति ने बड़ा आंदोलन किया था। 1984 में भगत पनियाली ग्राम (हल्द्वानी) से ग्राम प्रधान चुने गए। वर्ष 1984 और 1991 में सहकारी क्रय-विक्रय समिति हल्द्वानी के अध्यक्ष पद पर रहे। 1989 में उन्हें भाजपा के नैनीताल-ऊधमसिंह नगर जिले की कमान सौंपी गई और वह जिलाध्यक्ष बने। 

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पहली बार नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए

तत्कालीन उत्तर प्रदेश में 1991 में पहली बार नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसी सीट से 1993 और 1996 में दूसरी और तीसरी बार विधायक चुने गए। वर्ष 1996 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य रसद राज्यमंत्री और वन राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। 2000 नव सृजित राज्य में कृषि, सहकारिता, दुग्ध, पशुपालन, गन्ना विभागों के कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 

बंशीधर भगत ने 2007 में हुए चुनाव में हल्द्वानी विधानसभा सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश को हराया। इसके बाद खंडूरी सरकार में वन, परिवहन मंत्री समेत अन्य विभागों की जिम्मेदारी मिली। 2012 और 2017 में कालाढूंगी विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। वर्ष 2012-13 और 2014-15 में विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भी चुने गए।

बंशीधर भगत को विधानसभा चुनाव में केवल एक बार हार का सामना किया है। उन्होंने सात बार चुनाव लड़ा है, जिसमें छह बार विजयी रहे हैं। 2002 में वह हल्द्वानी विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश से चुनाव हार गए थे। हालांकि अगले ही चुनाव में उन्होंने इंदिरा से सीट छीनकर हार का हिसाब चुकता कर दिया।

सरल व्यक्तित्व और आम जनता तक सीधी पहुंच से दिलाई सफलता

व्यापक राजनीतिक अनुभव, जमीनी स्तर का नेता होना, सरल व्यक्तित्व और आम जनता तक सीधी पहुंच ने बंशीधर भगत को राजनीति में सफलता दिलाई। वह चुनाव मैनेजमेंट के भी माहिर माने जाते हैं। 

दुर्गम इलाकों में भी पहुंचना, कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों के संपर्क में रहना उनकी खासियत है। 2018 के निकाय चुनावों में नगर निगम सीमा का विस्तार किया गया। हल्द्वानी नगर निगम में जो नए वार्ड शामिल किए गए उसमें अधिकांश वार्ड कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में आते थे। प्रतिष्ठित मेयर सीट पर पार्टी की जीत का दारोमदार विधायक के कंधे पर भी था। मेयर की सीट पर कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश मैदान में थे।

ऐसे में पार्टी के लिए चुनाव अहम माना जा रहा था। पार्टी ने इस सीट पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। भगत ने लोकसभा, पंचायत चुनावों में खासी मेहनत की थी। हाल के पंचायत चुनावों में भाजपा का पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष बना है। यह जिला पंचायत अध्यक्ष भी निर्विरोध निर्वाचित हुआ।

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कालाढूंगी विधनसभा हॉट शीट

2012 में कालाढूंगी विधानसभा सीट अस्तित्व में आई। इस सीट पर भाजपा ने अपने अनुभवी नेता बंशीधर को भगत को टिकट दिया। इसके बाद से पार्टी ने लगातार जीत हासिल की है। इस सीट पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी भी भाग्य आजमा चुके हैं लेकिन अभी तक कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। अब इस सीट पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के होने से हॉट शीट बन गई है। 

नैनीताल जिले से पहली बार प्रदेश अध्यक्ष
भाजपा में नैनीताल जिले से पहली बार प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है। राज्य गठन के बाद बात करें तो प्रदेश अध्यक्ष पद पर पूरन शर्मा, मनोहर कांत ध्यानी, भगत सिंह कोश्यारी, बच्ची सिंह रावत, बिशन चुफाल, तीरथ सिंह रावत, अजय भट्ट प्रदेश रहे हैं।

रामलीला मंचन से भी जुड़े रहे भगत
 विधायक बंशीधर भगत रामलीला मंचन से भी दशकों से जुड़े हैं। वह ऊंचापुल में ग्रामीण रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पद रहे। वह रामलीला के मंचन में भी प्रतिभाग करते रहे हैं। उन्होंने दशरथ, अंगद और परशुराम के पात्रों का अभिनय ज्यादा किया है। व्यस्तता अधिक होने के बाद कुछ पात्रों का अभिनय संभव नहीं हो पाया। अभी भी वह दशरथ के पात्र का अभिनय कर रहे हैं।

किसने क्या कहा...

जनता और कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद और प्यार के कारण यहां तक पहुंचा हूं, उनका आभार जताता हूं। जल्द ही दिल्ली जाना होगा। उसके बाद देहरादून आऊंगा। फिर डोईवाला, हरिद्वार आदि जगहों में लोगों से मिलते हुए हल्द्वानी पहुंचूंगा। पार्टी कार्यकर्ताओं में और जोश भरा जाएगा। आगामी चुनावों को जीतना लक्ष्य होगा।
-बंशीधर भगत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

बंशीधर भगत पुराने कार्यकर्ता हैं। छह बार विधायक और मंत्री रहते हुए कई विभागों को संभाला है। सरल व्यक्तित्व और व्यवहार कुशल हैं। पार्टी की रीति नीति को समझते हैं, उनके नेतृत्व में पार्टी और सफलता अर्जित करेगी।
-पूरन शर्मा, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष

बंशीधर भगत को पार्टी का लंबा अनुभव है।  उनका अध्यक्ष बनना पार्टी के लिए शुभ संकेत हैं। उनके नेतृत्व में हम लोग पार्टी को और आगे बढ़ायेंगे। उनसे काफी पुराना नाता रहा है।
-नवीन दुम्का, विधायक लालकुआं

नया प्रदेश अध्यक्ष संगठन को मिला है। प्रदेश अध्यक्ष भगत के संगठनात्मक कौशल से पार्टी और मजबूत होगी। बूथ स्तर तक और प्रभावी ढंग से कार्य होगा। मैं उनको बधाई देता हूं।
-जोगेंद्र रौतेला, मेयर नगर निगम, हल्द्वानी

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