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Dehradun News: भोजनमाता कामगार यूनियन ने किया शिक्षा निदेशालय पर जोरदार प्रदर्शन
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I- आंदोलन को तेज करके हड़ताल के साथ अधिकारियों व शिक्षामंत्री का भी करेंगी घेराव
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I- जब तक मांग पूरी नहीं होती हैं रोजाना इस तरह से प्रदर्शन किया जाएगा : यूनियनI
सीटू से संबद्ध उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन ने ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती हैं, प्रदर्शन करते रहेंगे।
सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि सरकार की ओर से गरीब भोजन माताओं को मात्र 3000 रुपये ही मानदेय दिया जाता है। यह मानदेय साल में मात्र 11 माह तक ही दिया जाता है। इस महंगाई में उनका अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं वर्षों से कार्यरत भोजन माताओं को निकालने का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। जिनके बच्चे नहीं पढ़ रहे हैं उन्हें कार्य से हटाया जाए। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
यूनियन की प्रांतीय महामंत्री मोनिका ने कहा कि भोजनमाता सरकार की मजदूर विरोधी चेहरे को बेनकाब करेंगी। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जातीं, वह चुप नही बैठेंगी। आंदोलन को तेज करके हड़ताल कर अधिकारियों व शिक्षामंत्री का भी घेराव करेंगी। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक परियोजना निदेशालय मध्यान्ह भोजन प्रकोष्ठ जेपी काला को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर आरती देवी, अनीता, मोनी चौधरी, भावना, रोशनी, रिजवाना, रजनी, सुशीला, संगीता सहित सीटू के जिला सह सचिव मामचंद उपस्थित थे।
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Iप्रमुख मांगेंI
न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ईएसआई, भविष्यनिधि, ग्रेजुएटी, पेंशन का लाभ देने और मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू करने, नियुक्तिपत्र जारी करने, परिचयपत्र जारी करने व भोजनमाताओ को निकालने वाले शासनादेश को रद्द करने की मांग की।
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I- जब तक मांग पूरी नहीं होती हैं रोजाना इस तरह से प्रदर्शन किया जाएगा : यूनियनI
सीटू से संबद्ध उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन ने ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती हैं, प्रदर्शन करते रहेंगे।
सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि सरकार की ओर से गरीब भोजन माताओं को मात्र 3000 रुपये ही मानदेय दिया जाता है। यह मानदेय साल में मात्र 11 माह तक ही दिया जाता है। इस महंगाई में उनका अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं वर्षों से कार्यरत भोजन माताओं को निकालने का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। जिनके बच्चे नहीं पढ़ रहे हैं उन्हें कार्य से हटाया जाए। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
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यूनियन की प्रांतीय महामंत्री मोनिका ने कहा कि भोजनमाता सरकार की मजदूर विरोधी चेहरे को बेनकाब करेंगी। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जातीं, वह चुप नही बैठेंगी। आंदोलन को तेज करके हड़ताल कर अधिकारियों व शिक्षामंत्री का भी घेराव करेंगी। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक परियोजना निदेशालय मध्यान्ह भोजन प्रकोष्ठ जेपी काला को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर आरती देवी, अनीता, मोनी चौधरी, भावना, रोशनी, रिजवाना, रजनी, सुशीला, संगीता सहित सीटू के जिला सह सचिव मामचंद उपस्थित थे।
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Iप्रमुख मांगेंI
न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ईएसआई, भविष्यनिधि, ग्रेजुएटी, पेंशन का लाभ देने और मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू करने, नियुक्तिपत्र जारी करने, परिचयपत्र जारी करने व भोजनमाताओ को निकालने वाले शासनादेश को रद्द करने की मांग की।