पुलिस कार्रवाई के विरोध में तेज हुआ आंदोलन, आयुष छात्रों ने किया निजी कॉलेजों का बहिष्कार
- सीसीआईएम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश भी पहुंचे, कई संगठनों ने भी दिया समर्थन
विस्तार
परेड ग्राउंड में 10 दिन से आमरण अनशन कर रहे निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्रों ने कॉलेजों का बहिष्कार कर दिया है। बड़ी संख्या में प्रदेशभर के आयुष कॉलेजों से छात्रों ने किनारा कर लिया है। इसी क्रम में सोमवार को सेंट्रल काउंसिल फॉर द इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश भी छात्रों से वार्ता करने पहुंचे।
बता दें, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बढ़ा हुआ शुल्क न लौटाने, बैक पेपर का फॉर्म न भरवाने और कक्षाओं में न बैठने देने के विरोध में प्रदेशभर के निजी कॉलेजों के आयुष छात्र 20 दिन से आंदोलनरत हैं। पहले उन्होंने आयुर्वेद विवि में आंदोलन किया था। इसके बाद से परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे हैं। कई छात्र बीते 10 दिन से यहां आमरण अनशन कर रहे हैं।
अन्य संगठनों ने भी आयुष छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया
दो दिन पूर्व हुई पुलिसिया कार्रवाई के बाद से छात्रों में उबाल है। सोमवार को प्रदेशभर के निजी कॉलेजों में पढ़ रहे आयुष छात्रों ने कॉलेजों का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी। उधर, सीसीआईएम के पूर्व अध्यक्ष ने छात्रों से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके अलावा कई अन्य संगठनों ने भी आयुष छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया। छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी नहीं सुनेगी, आंदोलन जारी रहेगा।
शाम को निकाला कैंडल मार्च
आयुष छात्रों ने सोमवार की शाम को सरकार के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च गांधी पार्क से शुरू होकर घंटाघर तक गया। इस मौके पर छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
एनएसयूआई ने फूंका पुतला
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने राज्य सरकार और पुलिस का पुतला फूंका। एनएसयूआई के उदित थपलियाल ने कहा कि आयुर्वेद छात्रों की कोई आवाज नहीं सुन रहा है। उल्टे उन पर लाठियां बरसाईं जा रही हैं। उन्होंने इसका विरोध किया। इस मौके पर अंकित बिष्ट, अक्षत भटट, पंकज नेगी, अक्षित रावत, नमन शर्मा, पीयूष, सिद्धार्थ, राजेश भट्ट, अंजू डोबरियाल आदि मौजूद रहे।