विधानसभा का दो दिनी विशेष सत्र टलने के आसार
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विधानसभा का चार और पांच जुलाई को बुलाया गया विशेष सत्र को टालने की तैयारी है। इसके पीछे राज्य के कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश से हुए जान और माल के भारी नुकसान को आधार बनाया जा रहा है। आपदाग्रस्त जिलों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध रहने के चलते सत्र टालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखे हैं। इन पर विचार करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सत्र टालने के बाबत राय मांगी है। उधर, दिल्ली में बजट को लेकर वित्त मंत्री का सकारात्मक रुख भी सत्र टालने की एक वजह बन सकता है।
बजट पास करने का एजेंडा था अहम
बीते सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में चार और पांच जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात तय हुई थी। इसमें बजट पास करने का एजेंडा अहम था। हालांकि इसे पास करने में कुछ कानूनी अड़चनें आ रही हैं। मगर शासन स्तर पर इसकी तैयारियां जोरों पर हैं।
इधर गुरुवार देर रात चमोली और पिथौरागढ़ में आई तबाही से बड़ी तादाद में जानमाल के नुकसान की खबर है। इसके अतिरिक्त टनकपुर में मौजूद बांध में पानी भरने की खबरें भी आ रही हैं। ऐसे में इन सभी जिलों के विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद रहने की बात कहते हुए विधानसभा सत्र में उपस्थित न रहने की बात विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को लिखकर दी है।
विधानसभा अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र
इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधायकों की इस मांग से अवगत कराया है। साथ ही विधानसभा सत्र को टालने के मुद्दे पर राय मांगी है। वहीं सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात में मिले सकारात्मक संकेतों को देखते हुए भी बजट के लिए बुलाए गए इस विशेष सत्र को टालने पर विचार किया जा सकता है। माना जा रहा है कि शनिवार तक इस सिलसिले में कोई फैसला हो सकता है।
स्पीकर है कहना
पिथौरागढ़, चमोली और टनकपुर के विधायकों ने आपदा के चलते अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने की बात कहते हुए सत्र में उपस्थित न रहने की बात कही है। पत्र लिखकर उन्होंने विधानसभा के विशेष सत्र को टालने की मांग भी की है। मुख्यमंत्री को इन परिस्थितियों से अवगत करा दिया गया है।
-गोविंद सिंह कुंजवाल, विधानसभा अध्यक्ष
Published By: Vivek Singh