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Uttarakhand Assembly Elections 2022 : यूपी में संदेश देने को पीटा जा रहा है जीत के दावे का डंका
Sun, 20 Feb 2022 06:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Feb 2022 06:46 AM IST
सार
सियासी जानकार इसे सियासी दलों की रणनीति मान रहे हैं। उनका मानना है कि दोनों ही दल चुनावी राज्यों में जीत का संदेश पहुंचाकर अपने पक्ष में हवा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत के दावे का खूब डंका पीट रहे हैं। दोनों दल प्रचंड बहुमत प्राप्त होने का दावा कर रहे हैं। सियासी जानकार इसे सियासी दलों की रणनीति मान रहे हैं। उनका मानना है कि दोनों ही दल चुनावी राज्यों में जीत का संदेश पहुंचाकर अपने पक्ष में हवा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत देहरादून पहुंचे तो उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि कांग्रेस 40 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी लगातार दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस उत्तराखंड में सरकार बनाने जा रही है। उधर, भाजपा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सरकार के मंत्री भी लगातार दावा कर रहे हैं कि उन्हें एक बार फिर प्रचंड बहुमत प्राप्त होने जा रहा है।
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इन दावों के पीछे दोनों दलों की रणनीति मानी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान की वह मुख्यमंत्री बनेंगे या घर बैठ जाएंगे, को भी इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। बकौल हरीश रावत, उनके बयान से यदि विपक्षी खेमे में खलबली मच जाए तो समझो वह सही हैं। मुख्यमंत्री को लेकर दिए गए उनके बयान के भी यही मायने टटोले गए कि ऐसा कहकर वह संदेश साफ करना चाहते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनना तय है और अब बस मुख्यमंत्री का मसला तय होना है।
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हालांकि विपक्ष खासतौर पर भाजपा उनके इस बयान का खूब मखौल उड़ा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और डॉ.धन सिंह रावत भी हरीश रावत पर तंज कस चुके हैं कि उन्हें जनता घर बैठा देगी। उन्होंने भी प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया है।
सियासी जानकारों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच अपनी-अपनी जीत की संभावना को लेकर जोर-शोर से किए जा रहे दावे को उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में यह संदेश देने की मंशा है कि यहां किसके पक्ष में हवा चल रही है। इसके जरिये वहां राजनीतिक फायदा लेने की कोशिशें मानी जा रही हैं। भाजपा में भितरघात को लेकर नाराजगी की चर्चाओं पर पार्टी नेतृत्व ने तत्काल रोक लगाई क्योंकि इसके दूसरे निहितार्थ निकाले जा सकते थे। पंजाब राज्य में रविवार को मतदान हो जाएगा, लेकिन यूपी में तीन चरणों के चुनाव के बाद अन्य चरण बाकी हैं, जिनमें भाजपा जीत का संदेश देने की कोशिश करेगी, यही प्रयास कांग्रेस का भी रहेगा।
रावत का दावा, करेंगे सोनिया से अनुरोध
इस बीच कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा है कि राज्य में कांग्रेस सरकार बनाने जा रही है लिहाजा वे पार्टी हाईकमान सोनिया गांधी से आग्रह करेंगे कि वे सीएम का चेहरा तय कर दें।