फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand assembly election result 2017, new cabinet

प्रचंड बहुमत के साथ आईं उत्तराखंड मंत्रिमंडल गठन की मुश्किलें

Sun, 12 Mar 2017 11:48 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 12 Mar 2017 11:48 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand assembly election result 2017, new cabinet
madan kaushik

भाजपा के पक्ष में प्रचंड बहुमत देकर प्रदेश के मतदाताओं ने तो अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी, मगर अब भाजपा को मंत्रिमंडल के लिए चेहरों का चुनाव करना है। उसके लिये इनका चुनाव इतना आसान नहीं होगा।

विज्ञापन


कारण कि इस बार एक से एक कद्दावर नेता चुनाव जीतकर आए हैं और इनमें से ज्यादातर मंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के साथ चुनाव जीते उन बागियों को नजरअंदाज करना भी आसान नहीं होगा, जो पूर्व सरकारों में मंत्री रह चुके हैं।
विज्ञापन

    
तमाम सर्वे और कयासों से आगे जाकर भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता की बागडोर संभालने जा रही है। क्या कुमाऊं और क्या ग़ढ़वाल, क्या पहाड़ और क्या मैदान। हर जगह भगवा झंडा लहरा रहा है। दो तिहाई बहुमत के साथ हुई इस जीत से जहां भाजपाइयों की बांछे खिली हैं, वहीं मंत्रिमंडल को लेकर कुछ मुश्किलें भी साफ नजर आ रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कैबिनेट मंत्रियों के लिए इस बार संख्या से दोगुनी दावेदारी होने जा रही है। पूर्व की खंडूड़ी सरकार में बंशीधर भगत, मदन कौशिक, बिशन सिंह चुफाल, प्रकाश पंत, बलवंत सिंह भौर्याल, त्रिवेंद्र सिंह रावत, खजान दास चुनाव जीतकर आए हैं। त्रिवेंद्र रावत मुख्यमंत्री की रेस में हैं तो बाकी सभी मंत्री पद के दावेदार हैं। पिछले कई चुनाव में लगातार जीत दर्ज कराते आ रहे हरबंस कपूर भी मंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। खंडूड़ी सरकार में वह विधानसभा अध्यक्ष थे। दौड़ में और अजय भट्ट भी शामिल होते, मगर वे चुनाव हार गए।

मंत्रिमंडल गठन के दौरान पार्टी को कुमाऊं, गढ़वाल के बीच न सिर्फ क्षेत्रीय संतुलन बनाना है, बल्कि जातीय समीकरण भी साधना है। इससे भी इतर कांग्रेस से बगावत करके भाजपा में आए उन दिग्गजों का भी ख्याल रखना है जो पूर्व सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। इनमें डॉ. हरक सिंह रावत व यशपाल आर्य का नाम शामिल है। इनके अलावा दो से ज्यादा बार चुनाव जीते कुंवर प्रणव चैंपियन और सुबोध उनियाल भी कैबिनेट मंत्री के मजबूत दावेदारों में माने जा रहे हैं।


हालांकि दो से ज्यादा बार चुनाव जीतने वाले भाजपा में भी कम नहीं है। इनमें गणेश जोशी व प्रेम चंद्र अग्रवाल लगातार तीन बार और पुष्कर धामी दो बार चुनाव जीतकर आए हैं। धन सिंह रावत वैसे तो पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन कट्टर संघी होने की वजह से उनकी अनदेखी करना भी आसान नहीं होगा। इसके अलावा मुन्ना सिंह चौहान, मेयर विनोद चमोली, अरविंद पांडे, सहदेव पुंडीर और मुख्यमंत्री हरीश रावत को हराकर लगातार दूसरी बार विधायक बने राजेश शुक्ला व यतीश्वरानंद की दावेदारी भी किसी से कम नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed