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Uttarakhand Assembly Election 2022: तो क्या भाजपा के गढ़ में सेंध लगाएगी कांग्रेस, इस चुनाव में पार्टी के सामने तीन बड़ी चुनौतियां

Wed, 02 Mar 2022 03:22 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 02 Mar 2022 03:22 PM IST
सार

उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के लिए 14 फरवरी को हुए चुनाव का नतीजा 10 मार्च को निकलेगा। चुनाव लड़े 632 प्रत्याशियों में से किसकी किस्मत का सितारा चमकेगा या किसका डूबेगा यह दस मार्च को 
चल पाएगा।

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Uttarakhand assembly Election 2022: Will Congress make dent in BJP stronghold? three big challenges for party in this assembly election
कांग्रेस - फोटो : file photo

विस्तार

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प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी नजर 10 मार्च को आने वाले चुनाव नतीजों पर है। भाजपा जहां मिथक तोड़ते हुए सत्ता वापसी का ख्वाब संजोए हुए है, वहीं कांग्रेस को भी पूरी उम्मीद है कि सत्ता परिवर्तन के बाद इस बार कमान उसके हाथ में आने वाली है। पार्टी को इस चुनाव में तीन चुनौतियों से पार पाना है। पहली उसे अपने संख्या बल को 11 से बढ़ाकर 36 के जादुई आंकड़े के पार पाना है।

दूसरी चुनौती अपने गढ़ों को बचाने की है। वहीं, तीसरी चुनौती भाजपा के गढ़ों में सेंध लगानी है। 10 मार्च को चुनाव परिणाम के साथ ही स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य की सत्ता पर कौन काबिज होने जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस को पूरी उम्मीद है कि वह 11 विधायकों पर सिमटी पार्टी को बहुमत के आंकड़े के पार ले जाएगी।

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पार्टी को इस बार भी उम्मीद दोनों गढ़ रहेंगे सुरक्षित
दूसरी चुनौती के रूप में पार्टी अपने गढ़ों को बचाए रखना चाहती है। जागेश्वर से गोविंद सिंह कुंजवाल और चकराता से प्रीतम सिंह दोनों दिग्गज राज्य में हुए पहले विधानसभा चुनाव से इन सीटों पर जीतते रहे हैं। पार्टी को इस बार भी उम्मीद है कि उसके यह दोनों गढ़ इस बार भी सुरक्षित रहेंगे। कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां पार्टी दो से तीन बार जीती है। इनमें हल्द्वानी, भगवानपुर, पिरान कलियर, गंगोलीहाट और धारचूला सीटें शामिल हैं। 
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पार्टी इन सीटों पर पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी। 10 से अधिक विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जिन पर पार्टी आज तक अपना खाता नहीं खोल पाई है। इस बार पार्टी के लिए भाजपा और दूसरे दलों के इन गढ़ों में सेंध लगाने को मौका है। इनमें देहरादून कैंट, हरिद्वार, बीएचईएल रानीपुर, ज्वालापुर, झबरेड़ा, हरिद्वार ग्रामीण, चौबट्टाखाल, गदरपुर और किच्छा सीट शामिल है। इन सीटों पर पार्टी का कोई विधायक जीतकर आता है तो यह भी पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

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