फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand assembly election 2022: candidate is declared on Dehradun Cantt seat possibility of dispute

Uttarakhand Election 2022: देहरादून की कैंट सीट पर प्रत्याशी घोषित होते ही बन रहे घमासान के आसार 

Tue, 25 Jan 2022 04:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 25 Jan 2022 04:21 PM IST
सार

कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए गए सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि वह सभी दावेदारों का सम्मान करते हैं और उम्मीद करते हैं कि कांग्रेस के सभी लोग पार्टी को जिताने का पूरा प्रयास करेंगे।

विज्ञापन
uttarakhand assembly election 2022: candidate is declared on Dehradun Cantt seat possibility of dispute
सूर्यकांत धस्माना - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

देहरादून की कैंट विधानसभा सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का टिकट फाइनल होते ही जहां कार्यकर्ताओं में उत्साह है, वहीं तमाम दावेदारों और उनके समर्थकों में नाराजगी व मायूसी भी नजर आ रही है। कुछ दावेदारों ने तो आलाकमान के समक्ष अपनी नाराजगी दर्ज भी कर दी है।

विज्ञापन


वहीं, सूत्र बता रहे हैं कि कुछ दावेदार समर्थकों से राय मशविरा करने के बाद निर्दलीय या किसी और पार्टी के बैनर पर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। इन सब परिस्थितियों के बीच कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए गए सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि वह सभी दावेदारों का सम्मान करते हैं और उम्मीद करते हैं कि कांग्रेस के सभी लोग पार्टी को जिताने का पूरा प्रयास करेंगे। वह स्वयं भी सभी दावेदारों और असंतुष्ट बताए जा रहे कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें मनाकर इस बार कैंट में कांग्रेस का परचम लहराएंगे।
विज्ञापन


उत्तराखंड सत्ता संग्राम 2022: राजनेताओं के वायरल ऑडियो के निकल रहे तीर, सवाल उठे गंभीर, पार्टियां असहज
विज्ञापन
विज्ञापन


कैंट विधानसभा सीट पर टिकट फाइनल होने के बाद कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष और कैंट सीट से दावेदारी जता रहे लालचंद शर्मा का कहना है कि पार्टी हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि है। पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी वह उसको बखूबी निभाएंगे और कैंट समेत प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उधर, कैंट सीट पर टिकट फाइनल होने के बाद पंजाबी सर्व समाज संगठन उतराखंड के कार्यकारी अध्यक्ष और अपनी व पत्नी नगर निगम में पार्षद कोमल बोरा के लिए दावेदारी पेश कर रहे दीप बोरा ने कहा कि जो गलती कांग्रेस ने वर्ष 2017 में की वही फिर दोहराई गई है। जो पंजाबी नेता कार्यकर्ता रात दिन पार्टी की सेवा कर रहे क्या उनकी गलती है कि वो पंजाबी हैं। कैंट विधानसभा में 36 हजार पंजाबी समाज के लोग रहते हैं, लेकिन जो पार्टी की सेवा सुबह शाम कर रहे हैं, उनको टिकट नहीं दिया जाता। क्या कारण है कांग्रेस पंजाबियों से इतनी रूठी हुई है। देहरादून जिले में न ही महामंत्री या उपाध्यक्ष तक का पदाधिकारी बनाया जाता है। सिर्फ वोट लेने के लिए आग्रह किया जाता है। पंजाबी समाज इस उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं करेगा और राहुल गांधी व संगठन महामंत्री वीणुगोपाल से मिलकर अपनी आपति दर्ज करेगा।

वहीं, एक और अन्य दावेदार अभिनव थापर ने कहा कि कैंट से मेरे टिकट की दावेदारी में जनता का अपार सहयोग मिला। हाईकमान का फैसला मंजूर है। आगे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे निभाएंगे। 
वहीं, प्रबल दावेदार माने जा रहे युवा नेता वैभव वालिया ने कहा कि वह अभी दिल्ली में हैं और मंगलवार को देहरादून पहुंच जाएंगे। चुनाव लड़ने को लेकर वह अपने समर्थकों से बातचीत करेंगे। अगर समर्थकों ने कहा तो वह चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इसी तरह अंतिम दौर तक टिकट की दौड़ में रहे राज्य आंदोलनकारी बीरेंद्र पोखरियाल का कहना है कि हाईकमान ने जो भी फैसला किया वह पार्टी के हित में किया होगा। अब वह पार्टी को जिताने के लिए कार्य करेंगे। एक और अन्य दावेदार नवीन जोशी का भी कहना है कि उन्होंने पूरी जोर-शोर से अपनी दावेदारी रखी थी, लेकिन हाईकमान ने जो भी फैसला लिया वह उसके साथ हैं और पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रयास करेंगे। वहीं, कैंट सीट पर लंबे समय से दावेदारी जता रहे जसविंदर सिंह, राजीव जैन समेत तमाम दावेदारों ने भी में भी मायूसी है। सूत्र बता रहे हैं कि ज्यादातर दावेदार पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के साथ जीत के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के मूड मे हैं। उधर, कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि उन्हें किसी भी दावेदार से कोई गिला शिकवा नहीं है। कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र के तहत हर किसी को अपनी दावेदारी और बात कहने का अधिकार है। वह सभी से मिलजुल कर कांग्रेस को जिताने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कैंट क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से भाजपा ने विकास कार्य को अवरुद्ध किया हुआ है। कोरोना काल हो या और कोई समय भाजपा का कोई भी नेता जनता के दुख दर्द में साथ देने सामने नहीं आए। जबकि वह हर वक्त जनता के साथ खड़े रहे  इसी का फायदा आम जनता के आशीर्वाद के रूप में उन्हें इस बार मिलने वाला है और कैंट में कांग्रेस बहुत मजबूत स्थिति में है।


राजपुर के टिकट को लेकर कांग्रेस में बगावत के सुर
कांग्रेस की उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में बगावत के स्वर उठने शुरू हो गए हैं। राजपुर विधानसभा से राजकुमार को टिकट दिए जाने से वाल्मीकि समाज में भारी आक्रोश है।
वाल्मीकि समाज के लोगों ने राजपुर विधानसभा से टिकट के दूसरे दावेदार राहुल प्रियंका गांधी सेना कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल वाल्मीकि पर राजपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वाल्मीकि समुदाय के दबाव में मदनलाल वाल्मीकि ने भी मंगलवार को नामांकन करने की बात कही है। मदनलाल ने कहा कि वह भी वाल्मीकि समुदाय की अनदेखी से क्षुब्ध हैं। राजपुर विधानसभा में भी वाल्मीकि समुदाय 40 हजार से अधिक संख्या में है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समुदाय का उन पर भारी दबाव है कि वह नामांकन करें। इस मौके पर उनके साथ वाल्मीकि नेता विकास साथी, गगन छाछर, राहुल स्वेड़िया, राजेश चंचल, नरेश पारछे, सुशील कुमार नवीन कुमार, रोहित टाक, सतीश कुमार आदि मौजूद रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed