उत्तराखंड विस बजट सत्र: कांग्रेस विधायकों ने सदन से किया वॉकआउट, आर्थिक आरक्षण का अध्यादेश पेश
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विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष ने जहरीली शराब मामले को लेकर सदन में दबाव बनाया। जिसके बाद स्पीकर ने प्रश्नकाल स्थगित करते हुए चर्चा की अनुमति दी। जिस पर विपक्ष ने नियम 310 में चर्चा की मांग की। जिसके बाद इस पर चर्चा की गई।
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदेयेश, प्रीतम सिंह, ममता राकेश, गोविंद कुंजवाल, करण माहरा, हरीश धामी ने सरकार का इस्तीफा मांगा। वहीं विपक्ष के विधायकों ने आबकारी मंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मंगा। वहीं देहरादून विधानसभा में अधिकारियों के सोशल मीडिया में चर्चा का मुद्दा गूंजा। इस दौरान आबाकरी मंत्री ने ऐलान किया कि बजट सत्र के दौरान ही सरकार आबकारी अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव लाएगी।
अवैध शराब के खिलाफ कठोर कानून बनाएंगे। जिस पर सरकार के जवाब से असन्तुष्ट विपक्ष ने हंगामा कर दिया। कांग्रेस विधायक वेल पर आए और तख्तियां लहराते हुए आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग। इसके बाद स्पीकर ने पूरे प्रकरण पर कमेटी बनाने की घोषणा की। जो मौके पर जाकर सारी स्थिति को देखेगी और अपनी रिपोर्ट सदन में पेश करेगी। उन्होंने राज्य सरकार को जल्द दीर्घ कालिक नीति बनाकर देने के निर्देश दिए। इसके बाद विपक्ष के विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया और धरने पर बैठ गए।बजट सत्र के चलते विधानसभा व इसकी 300 मीटर की परिधि में धारा-144 लागू कर दी गई है।
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के पटल पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का अध्यादेश रखा। इसके अलावा सदन में समूह ग के पदों की भर्ती को लेकर संशोधन विधेयक और निजी क्षेत्र में हिमालयीय विश्वविद्यालय विधेयक भी पेश किया।
गरीब सवर्ण अभ्यर्थियों को मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण
सदन पटल पर पेश उत्तराखंड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) अध्यादेश 2019 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण अभ्यर्थियों को राज्य सरकार, उसके अधीन, स्वामित्व व नियंत्रण वाली सभी संस्थाओं व संस्थानों की नौकरियों में 10 प्रतिशत का आरक्षण देगी। इस श्रेणी में ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है जिनकी वार्षिक आय वेतन, कृषि, व्यवसाय या अन्य पेशे से कुल आठ लाख रुपये से कम है। ये लाभ उन परिवारों के सदस्यों को नहीं मिलेगा, जिनके पास पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है। आवासीय भवन 1000 वर्ग फुट या उससे अधिक है। अधिसूचित नगरपालिकाओं में 100 वर्ग गज या उससे अधिक के आवासीय भूखंड (प्लाट) है।
समूह ग के अधिनियम में संशोधन का विधेयक आया
उत्तराखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों के समूह ग के पदों में ज्यादा अवसर उपलब्ध कराने को लेकर प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (संशोधन) विधेयक, 2019 सदन पटल पर पेश किया। प्रदेश में समूह ग के पदों के लिए सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण की शर्त न्यायालय द्वारा हटाए जाने के बाद सरकार ये संशोधन विधेयक लेकर आई है। इसके तहत उन्हीं अभ्यर्थियों को समूह ग के पदों के लिए पात्र माना जाएगा, जिन्होंने उत्तराखंड में रह कर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। विधेयक में यही संशोधन किया गया है।
एक और निजी विश्वविद्यालय को मिलेगी मंजूरी
प्रदेश सरकार ने देहरादून में एक और निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के पटल पर हिमालयी आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय विधेयक, 2019 पेश किया। यह विवि ग्राम फतेहपुर टांडा, जीवनवाला देहरादून में स्थापित होगा।
अधिनियम बनें
उत्तराखंड विनियोग (वर्ष 2018-19 का प्रथम अनुपूरक) विधेयक ,2018 राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिनियम बन गया।
उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950)(अनुकूलन एवं उपांतरण आदेश,2001)(संशोधन) विधेयक 2018 प्रदेश का 36वां अधिनियम बना।