फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand architecture will be seen on the station buildings Karnprayag-Rishikesh rail project

Uttarakhand: स्टेशन के भवनों पर झलकेगी उत्तराखंड की स्थापत्य कला, कुछ डिजाइन किए जा चुके हैं तैयार

Wed, 31 Jul 2024 09:18 AM IST
रेनू सकलानी राजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
राजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 31 Jul 2024 09:18 AM IST
सार

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना: रेलवे स्टेशन भवनों को पौराणिक मंदिरों व ऐतिहासिक भवनों की तर्ज पर बनाया जाएगा। आरवीएनएल अगस्त माह में स्टेशन निर्माण के लिए निविदा जारी करने जा रहा।

विज्ञापन
Uttarakhand architecture will be seen on the station buildings Karnprayag-Rishikesh rail project
धारी देवी स्टेशन का डिजाइन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल परियोजना के स्टेशनों पर उत्तराखंड की स्थापत्य कला दिखेगी। रेलवे स्टेशन भवनों को उत्तराखंड के पौराणिक मंदिरों व ऐतिहासिक भवनों की तर्ज पर बनाया जाएगा। एक स्टेशन निर्माण में कम से कम 40 से 50 करोड़ की लागत आएगी।

विज्ञापन

रेलवे विकास निगम अगस्त माह में स्टेशन निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जारी करने जा रहा है। इस परियोजना में 13 स्टेशन हैं, जिनमें से दो स्टेशन (वीरभद्र और योगनगरी ऋषिकेश) बन कर तैयार हो चुके हैं। शेष स्टेशनों के निर्माण के लिए आरवीएनएल आकलन कर रहा है।

विज्ञापन

स्टेशनों के भवनों की निर्माण शैली पर भी विशेष कार्य किया जा रहा है। आरवीएनएल के अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का प्रत्येक स्टेशन भवन उत्तराखंड की स्थापत्य कला के आधार पर निर्मित किया जाएगा। हर स्टेशन भवन को पौराणिक मंदिरों या ऐतिहासिक भवनों की तर्ज पर निर्मित किया जाएगा। जिससे यहां पहुंचने वाला हर यात्री उत्तराखंड की स्थापत्य कला से परिचित हो सके। आरवीएनएल इसके लिए स्टेशनों के भवन डिजाइन तैयार कर रहा है। कुछ स्टेशनों के भवन डिजाइन भी तैयार किए जा चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कहां-कहां हैं स्टेशन

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का पहला स्टेशन वीरभद्र है। यहीं से अलग लाइन कटती है। इस स्टेशन से 6 किमी आगे योगनगरी रेलवे स्टेशन है। इसके बाद शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धारी स्टेशन, तिलनी, घोलतीर, गौचर व सबसे अंत सिवंई (कर्णप्रयाग) स्टेशन है।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: नहीं बढ़ेगा पंचायतों का कार्यकाल, दिसंबर में चुनाव कराने की तैयारी...शासन ने स्पष्ट किया रुख

परियोजना के सभी स्टेशन उत्तराखंड की स्थापत्य कला के आधार पर बनाए जाएंगे। जिससे यात्री यहां की स्थापत्य कला से भी परिचित होगा। स्टेशन निर्माण कार्य शुरू किए जाने के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द जारी कर दी जाएगी। - ओपी मालगुड़ी, उप महाप्रबधंक, सिविल, आरवीएनएल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed