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उत्तराखंडः 70 प्रतिशत लोगों का जीवनयापन कृषि पर निर्भर, लेकिन खेती से नाता तोड़ रहे किसान

Sun, 29 Dec 2019 10:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राजीव शुक्ला, अमर उजाला, हल्द्वानी
राजीव शुक्ला, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 29 Dec 2019 10:30 AM IST
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Uttarakhand: 70 percent of people depend on agriculture but farmers left farming
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pexels.com

राज्य में 70 प्रतिशत लोगों का जीवनयापन कृषि पर निर्भर है, मगर अब किसान खेती से नाता तोड़ रहे हैं। पांच वर्षों में प्रदेश में कृषि का रकबा 68 हजार हेक्टेयर से अधिक कम हो गया है। नतीजतन प्रदेश में कृषि भूमि का रकबा तेजी से घट रहा है।

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प्राकृतिक सौंदर्य के कारण देश विदेश में प्रसिद्ध उत्तराखंड में खेती का रकबा कम होना चिंता का विषय है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010-11 में गढ़वाल मंडल में 430614.62 हेक्टेयर और कुमाऊं मंडल में 385069.47 हेक्टेयर भूमि पर खेती हो रही थी।
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उत्तराखंड में 815,684.09 हेक्टेयर कृषि भूमि का रकबा था, जबकि 2015-16 की कृषि गणना के अनुसार गढ़वाल मंडल में 385,149.351 और कुमाऊं मंडल में 362,170.344 हेक्टेयर पर भूमि कर कृषि हो रही है। प्रदेश में कुल 747,319.695 हेक्टेयर भूमि पर कृषि हो रही है। इन पांच वर्षों में 68,364.395 हेक्टेयर कृषि भूमि कम हुई है।

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कृषि गणना 2010-11 के अनुसार किसानों और कृषि भूमि

जिले       -        किसानों की संख्या   -    क्षेत्रफल 
चमोली              44915          34820.93
देहरादून (पर्वतीय)  10164           18239.84
देहरादून (मैदानी)   52756           33911.48
हरिद्वार              130545          120410.14
पौड़ी गढ़वाल       84429            101395.34
रुद्रप्रयाग            27093            20510.80
टिहरी गढ़वाल      86433             67221.37
उत्तरकाशी          39536             34104.72
अल्मोड़ा           109268            83944.92
बागेश्वर           53869              25102.89
चंपावत            36274              30265.95
नैनीताल (पर्वतीय) 29985             27332.00
नैनीताल (मैदानी)   20678            28562.39
पिथौरागढ़            79846            44017.53
ऊधमसिंह नगर       106859          145843.79
 

कृषि गणना 2015-16 के अनुसार किसानों और कृषि भूमि 

 जिले        -     सानों की संख्या  - क्षेत्रफल 
चमोली              47049            34931.634
देहरादून (पर्वतीय)  10127            18546.733
देहरादून (मैदानी)   42755            29023.128
हरिद्वार              146890           1230351.535
पौड़ी गढ़वाल       79410             61349.329
रुद्रप्रयाग            21798             19576.129
टिहरी गढ़वाल      85204              64963.581
उत्तरकाशी          40605              33723.282
अल्मोड़ा           102240             80555.454
बागेश्वर            47522              23556.717
चंपावत             32257              24991.481
नैनीताल (पर्वतीय) 30622              23085.581
नैनीताल (मैदानी)  18111              26823.492
पिथौरागढ़           73744              39859.546
ऊधमसिंह नगर     102971             143298.073

कृषि गणना प्रत्येक पांच वर्षों में होती है। 2010-11 के बाद 2015-16 में हुई गणना में खेती का रकबा कम हुआ है। अब यह गणना 2020-21 में होगी। शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण कृषि का रकबा घटा है, जबकि पर्वतीय क्षेत्र में जानवर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह भी एक कारण हो सकता है।
- पीके सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक

ये हैं कृषि का रकबा घटने के कारण

= पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों द्वारा फसल का उजाड़ा जाना।
= फसल का उचित मूल्य बाजार में न मिलना।
= पलायन के कारण खाली हो रहे गांव।
= कंकरीट के घर और व्यावसायिक इमारतें बनने के कारण जमीन का कम होना।
= ग्रामीण क्षेत्र का तेजी से शहरीकरण होना

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