अमर उजाला माई सिटी: आवाज उठाई तो हरकत में आई सरकारी मशीनरी, कई मुद्दों पर चोट की तो सिस्टम जागा
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देहरादून शहर से जुड़े तमाम ऐसे मुद्दे भी थे, जिन पर सिस्टम नींद में था और लोग परेशान थे। इन मुद्दों पर अमर उजाला माई सिटी ने आवाज उठाई तो सिस्टम जागा। सालभर में ऐसी तमाम खबरें रहीं, जिनका सकारात्मक असर हुआ।
अमर उजाला माई सिटी: हर पहलू पर अमर उजाला ने लोगों से की बात, समाज के हर मुद्दे पर बना पाठकों की आवाज
सड़कों की हालत पर इसी साल जून और जुलाई में अमर उजाला ने सीरीज चलाई। इसमें हर दिन एक सड़क पर फोकस करते हुए खबरें प्रकाशित की गईं। देखते ही देखते सिस्टम हरकत में आया और तमाम सड़कों का कायाकल्प या मरम्मत का काम किया गया।
दो साल से खेल महाकुंभ के विजेता पुरस्कार राशि के लिए भटक रहे थे। कोई उनकी नहीं सुन रहा था। अमर उजाला ने माई सिटी में उनकी परेशानी प्रमुखता से उठाई, जिसके नतीजे के तौर पर खेल विभाग ने उन्हें पुरस्कार राशि दे दी।
इसी प्रकार, खेल महाकुंभ के पंचायत स्तर पर आयोजन के लिए 16 खेलों के लिए केवल 4000 रुपये खर्च दिया जा रहा था। अमर उजाला ने इस पर सवाल उठाए कि इतने कम पैसे में खेलों का आयोजन असंभव है। लिहाजा, खेल विभाग को यह राशि बढ़ानी पड़ी।
सर्दियां आईं तो अमर उजाला ने शहर में अलाव की व्यवस्थाएं परखी। कोल्ड डे सिर पर था लेकिन दावे हवा हवाई थे। सभी जगहों की तस्वीरों के साथ खबरें प्रकाशित की गईं। नतीजतन अगले ही दिन नगर निगम ने अलाव की व्यवस्थाएं कर दीं।
अमर उजाला का दूसरा नाम जन सरोकार
अमर उजाला माई सिटी का एक साल का सफर बहुत ही शानदार रहा है। माई सिटी को लोग शहर का अपना अखबार मानकर पढ़ते हैं, क्योंकि ये उन्हीं की आवाज जैसा लगता है। ईश्वर से कामना है कि माई सिटी यूं ही नित नई बुलंदियों को छुए। कुछ खबरें अलग और पारंपरिक व पुराने तरीकों को छोड़कर प्रेजेंट की जाती हैं। यही इसकी महत्ता को दर्शाता है। पहली वर्षगांठ पर माई सिटी परिवार को मेरी और जिला पुलिस की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।
- अरुण मोहन जोशी, डीआईजी
अमर उजाला का दूसरा नाम जन सरोकार है। पिछले साल आज ही के दिन माई सिटी की शुरुआत की गई थी। पहले ही दिन से माई सिटी राजधानी की हर छोटी से लेकर बड़ी समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। माई सिटी की यह यात्रा अनवरत जारी रहे। अमर उजाला और माई सिटी की पूरी टीम को मेरी ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर
अमर उजाला के माई सिटी में जन सरोकारों से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। इससे पाठकों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिलती है। आगे भी यह सिलसिला बरकरार है। अमर उजाला माई सिटी की पूरी टीम को एक साल पूरे होने पर बधाई।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
जिस तेवर के साथ एक साल पहले अमर उजाला माई सिटी की शुरुआत हुई थी, वह अब भी बरकरार है। जनता से जुड़े हर मुद्दे को माई सिटी में बेहतर तरीके से पेश किया जाता है। यही वजह है कि लोगों में माई सिटी का काफी क्रेज देखने को मिलता है। माई सिटी टीम को शुभकामनाएं।
- हरबंस कपूर, विधायक कैंट
अमर उजाला हमेशा से ही जनता की आवाज रहा है। माई सिटी के जरिये लोगों को स्थानीय खबरें प्रमुखता से पढ़ने को मिल रही हैं। शहर के हर मुद्दों को माई सिटी प्राथमिकता का साथ छापता है। एक साल पूरे होने पर माई सिटी की टीम को बधाई।
- गणेश जोशी, विधायक, मसूरी
माई सिटी के तौर पर अमर उजाला का प्रयोग बेहद सफल रहा। आज हम मुख्य अखबार बाद में खोलते हैं, पहले माई सिटी पढ़ते हैं। इसमें खबरों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।
- खजानदास, विधायक, राजपुर
अमर उजाला माई सिटी पहले ही दिन से लोगों के दिलों में बस गया था। माई सिटी में हर आयु वर्ग के लोगों की खबरों को प्रमुखता से स्थान दिया जाता है। आगे भी माई सिटी यूं ही लोगों तक पहुंचता रहे। अमर उजाला माई सिटी की टीम को बधाई।
- उमेश शर्मा काऊ, विधायक, रायपुर
अमर उजाला माई सिटी के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूरे होने पर पूरी टीम को बधाई। पहले दिन से जिस कलेवर और तेवर के साथ माई सिटी लांच हुआ था, वह अब भी बरकरार है। यही वजह है कि इसमें बेहद कम समय में लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली।
- सहदेव पुंडीर, विधायक, सहसपुर
अमर उजाला माई सिटी के जरिये स्थानीय खबरें अधिक जानकारी के साथ पढ़ने को मिलती है। अमर उजाला जिस निष्पक्षता, निर्भीकता के लिए जाना जाता है, वह माई सिटी में दिखता है। एक वर्ष पूरे होने पर अमर उजाला माई सिटी टीम को बधाई।
- विनोद चमोली, विधायक धर्मपुर