फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakand news: amar ujala my city completed one year

देहरादून माई सिटी: सफलता का एक साल बेमिसाल, खुशियों और मुश्किल वक्त में दिया साथ

Wed, 15 Jul 2020 03:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 15 Jul 2020 03:16 PM IST
विज्ञापन
uttarakand news: amar ujala my city completed one year
देहरादून माई सिटी - फोटो : amar ujala

खुशियों का मौका हो या कोरोना जैसा मुश्किल वक्त। हर लम्हे में अमर उजाला माई सिटी पाठकों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा रहा। अमर उजाला ने विभिन्न मौकों पर कई ऐसी प्रतियोगिताएं शुरू कीं, जिनसे पाठकों का भरोसा और मजबूत हुआ। मोहब्बतों से पाठकों ने अपनी एंट्री भेजी और अमर उजाला ने विशेषज्ञों से उन सभी को पुरस्कृत कराया।

विज्ञापन


अमर उजाला माई सिटी: हर पहलू पर अमर उजाला ने लोगों से की बात, समाज के हर मुद्दे पर बना पाठकों की आवाज
विज्ञापन


रामलीला में काम करने वाले कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए अमर उजाला ने प्रतियोगिता शुरू की। शहर की अलग-अलग रामलीलाओं से एंट्री मंगाई गई। बेस्ट सीता, बेस्ट राम, बेस्ट रावण से लेकर बैकग्राउंड में काम करने वाले कलाकारों को लेकर हुई इस प्रतियोगिता से कलाकारों को प्रोत्साहन तो मिला ही, रामलीलाओं की कवरेज से पाठकों को भी आनंद आया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जन्माष्टमी का मौका आया तो अमर उजाला बेस्ट कान्हा प्रतियोगिता लेकर आया। पाठकों से अपने बच्चों को कान्हा के रूप में तैयार करके एंट्री मंगाई गई। पाठकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। अमर उजाला ने अधिकाधिक पाठकों के बच्चों की तस्वीरें प्रकाशित करने के साथ ही बेस्ट कान्हा के लिए वोटिंग भी कराई। नतीजतन जो भी परिणाम आए, वह पाठकों के दिलों में हमेशा के लिए छाप छोड़ गए।

कोरोना का मुश्किल वक्त आया तो भी अमर उजाला माई सिटी पाठकों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा नजर आया। मेरी बगिया कांटेस्ट शुरू किया गया। जिसमें कोरोना लॉकडाउन में घरों में खाली बैठे पाठकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। अपनी बगिया को संवारा और अमर उजाला के पास तस्वीरें भेजी। विशेषज्ञों की टीमों ने श्रेष्ठ बगिया को पुरस्कृत किया और उनकी तस्वीरें अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की।

इसी प्रकार, अनलॉक शुरू हुआ तो सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर व्यापारियों के बीच एक प्रतियोगिता कराई गई। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़ी दुकानों के मालिकों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि किस तरह से वह अपने प्रतिष्ठानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। लॉकडाउन के मुश्किल वक्त में टाइमपास को लेकर भी अमर उजाला ने अभियान शुरू किया। करीब एक महीने तक पाठकों की ओर से अपने टाइमपास की तस्वीरें साझा की गईं। वह तस्वीरें माई सिटी ने विशेष तौर पर प्रकाशित की।

सिस्टम को नींद से जगाने में आगे रहा माई सिटी

शहर से जुड़े तमाम मुद्दे और परेशानियां, जो वक्त के साए में कहीं खो तो गए, लेकिन जनता के लिए नासूर बने हुए थे। उन्हें सिस्टम की सुस्ती कचोटती है। इसी परेशानी को लेकर अमर उजाला ने तमाम ऐसे अभियान चलाए, जिससे सिस्टम की नींद खुले। उनका असर भी नजर आया।

हरेला का मौका आया तो अमर उजाला उन दरख्तों की पीड़ा उठाई जो लोहे की जाली या लोगों की गलतियों की वजह से जकड़े हुए थे। जो ट्री गार्ड उनकी हिफाजत के लिए लगाए गए थे, वही उनके लिए मुसीबत बन गए थे। ‘ट्री को करो फ्री’ नाम के इस अभियान का व्यापक असर देखने को मिला। इसके तहत अमर उजाला माई सिटी में रोजाना ऐसे दरख्तों की कुछ तस्वीरें प्रकाशित कीं। वन विभाग ने इसका संज्ञान लिया। बाकायदा अभियान चलाकर दरख्तों पर लगे साइन बोर्ड, फ्लैक्स, कीलें, ट्री गार्ड हटाए गए।

शहर की तमाम समस्याओं को सिलसिलेवार उठाने के लिए अमर उजाला ने ‘वार्ड स्कैन’ नाम से एक सीरीज शुरू की। हर सप्ताह एक वार्ड की समस्याओं पर फोकस करते हुए तस्वीरों के साथ खबरें प्रकाशित की गईं। वार्डों के पार्षदों से उनका पक्ष जानने के साथ ही नगर निगम के आला अधिकारियों से भी बात की गई।

समय से बजट जारी हुआ और काम शुरू हुए। इससे जनता को राहत मिली। सफर की साथी सड़कों के खस्ताहाल को लेकर अमर उजाला ने कई बार सड़कों से जुड़े अभियान शुरू किए। इसमें मानसून से पहले सड़कों की हालत और मानसून बीतने के बाद हालत को बाकायदा तस्वीरों के साथ प्रकाशित किया गया। नतीजतन शहर की तमाम सड़कों की सूरत संवरी। 

मानसून काउंटडाउन से निगम क्षेत्र में बंद पड़ी नालियों और निगम की सुस्त तैयारियों पर अभियान चलाया गया। इसमें शहर में निगम ने अभियान चलाकर व्यवस्थाएं सुधारीं। नगर निगम की तमाम ऐसी जांचें थीं जो कि समय-समय पर शुरू की गई, लेकिन वक्त के साथ ही कहीं खो गई। अमर उजाला ने ‘जांच जो खो गई’ नाम से एक अभियान शुरू किया।

इसके तहत निगम की पुरानी जांचों को नए सिरे से उठाया गया। इसके बाद उन जांचों में तेजी आई और कार्रवाई हुई। शहर में नशे का दुष्चक्र भी कम नहीं था। इस नशे पर वार करते हुए अमर उजाला ने सीरीज चलाई। इसके तहत न केवल देहरादून बल्कि प्रदेशभर में नशे के फैलाव को रोकने की मुहिम छेड़ी गई। इसका व्यापक असर नजर आया।

पाठकों के काम के कॉलम

माई सिटी में पाठकों की जरूरतों के हिसाब से समय-समय पर कई विशेष कॉलम शुरू किए  गए। इसमें हर सप्ताह डॉक्टर से बातचीत के आधार पर डॉक्टर की सलाह कॉलम चलाया जा रहा है। इसके अलावा फल, सब्जियों, दालों आदि के साप्ताहिक भाव में उतार-चढ़ाव को लेकर मंडी राउंडअप शुरू किया गया। इसी प्रकार कंज्यूमर गाइड कॉलम भी शुरू किया गया। इसमें शहर में विशेष छूट आदि पर फोकस करके पाठकों को नई-नई जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed