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उत्तराखंड: विधायक मुन्नी देवी का जिला पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा मंजूर, आदेश जारी

Wed, 26 Sep 2018 09:04 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून/गोपेश्वर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून/गोपेश्वर Updated Wed, 26 Sep 2018 09:04 PM IST
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Uttarakahnd mla munni devi Resignation accepted from jilla Panchayat President post
Munni Devi

थराली सीट से विधायक मुन्नी देवी शाह ने चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया गया है। पंचायतीराज विभाग ने बुधवार को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए। 

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भाजपा विधायक मगन लाल शाह का फरवरी माह में आकस्मिक निधन हो गया था। इसके बाद 30 मई 2018 को हुए उप चुनाव में भाजपा के टिकट पर उनकी पत्नी मुन्नी देवी शाह विधायक चुनी गईं। उस समय वे चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष भी थीं। चुनाव जीतने के करीब चार माह बाद भी उन्होंने विधायक पद की शपथ नहीं ली और जिपं अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज रही।
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उनका कहना है था वे दोनों पद पर रह सकती हैं। विधायक पद की शपथ लेने के बाद भी उन्होंने यह पद नहीं छोड़ा। बाद में यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। साथ ही जिपं अध्यक्ष पद से हटाने के लिए 22 सितंबर को उनके अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया। 
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विधायक पद की शपथ लेने के बाद अविश्वास प्रस्ताव और अन्य संभावित कानूनी कार्रवाई के मद्देनजर उन्होंने स्वेच्छा से जिपं अध्यक्ष और सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। पंचायतीराज अधिनियम के तहत मुन्नी शाह के इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बुधवार को अपर सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल की ओर से इस बारे में आदेश जारी किए गए। 

थमी रार, अब नए अध्यक्ष चर्चा शुरू

मुन्नी देवी शाह के इस्तीफे के बाद चमोली जिपं अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चल रही रार भी थम गई है। अब जिपं उपाध्यक्ष लखपत बुटोला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने की चर्चा शुरू हो गई है। यहां बता दें कि 10 अगस्त 2014 को मुन्नी देवी शाह ने अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। विधायक बनने के बाद उनके अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही थी। लेकिन उन्होंने तीन माह तक इस्तीफा नहीं दिया।

10 अगस्त 2018 को जिपं उपाध्यक्ष लखपत बुटोला ने पंचायतीराज एक्ट का हवाला देते हुए स्वयं ही एकतरफा अध्यक्ष का पद ग्रहण कर लिया था। लेकिन जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप कर अध्यक्ष के कक्ष में ताला लगा दिया था। मामले को लेकर लखपत बुटोला ने कोर्ट की शरण भी ली। इस बीच 22 सितंबर को जिपं सदस्यों ने उपाध्यक्ष लखपत बुटोला का साथ देकर अध्यक्ष के खिलाफ  अविश्वास का प्रस्ताव जिलाधिकारी को सौंपा। इस प्रस्ताव पर चर्चा होने से पहले ही मुन्नी देवी ने अध्यक्ष ने पद से इस्तीफा दे दिया। 

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