उत्तराखंड चुनाव 2022: वायरल वीडियो पर बोले हरक सिंह रावत- चुनाव लड़ने का मन नहीं
Uttarakhand Election 2022: मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी चुनाव के प्रति अनिच्छा जताई है। इसमें उन्होंने यह कहा है कि 2012 में भी उन्होंने मां धारी देवी की कसम खाई थी, लेकिन जनता की अपेक्षाओं और चौतरफा दबाव के चलते चुुनाव लड़ना पड़ा था।
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सोशल मीडिया पर कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की एक वीडियो का कुछ हिस्सा वायरल हो रहा है। इसमें वह कहते दिख रहे हैं कि मां धारी देवी की कसम, मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। इस वीडियो पर हरक ने सफाई देते हुए कहा कि वह 2012 के परिपेक्ष्य में कही गई बात है। हां, उनका इस बार चुनाव लड़ने का मन नहीं है।
अमर उजाला से बातचीत में मंत्री हरक ने बताया कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी चुनाव के प्रति अनिच्छा जताई है। इसमें उन्होंने यह कहा है कि 2012 में भी उन्होंने मां धारी देवी की कसम खाई थी, लेकिन जनता की अपेक्षाओं और चौतरफा दबाव के चलते चुनाव लड़ना पड़ा था। इस बार वह कसम तो नहीं खा रहे हैं, लेकिन चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अगर परिस्थितियां बनीं तो बात अलग है।
मदन-हरक की वार्ता ने बढ़ाई सियासी हलचल
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के कांग्रेस में वापसी के बाद कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की मंगलवार को डामकोठी अतिथि गृह में हुई बैठक ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे वार्ता हुई। वार्ता को लेकर हर कोई अपने-अपने अंदाजे लगा रहा है।
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा-कांग्रेस में दल-बदल का दौर चल रहा है। भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्य ने पुत्र विधायक संजीव आर्य के साथ कांग्रेस में घर वापसी कर भाजपा को झटका दिया है। इससे भाजपा आशंकित है। कहा जा रहा है कि 2017 के चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए कई नेता अब कांग्रेस में वापसी का रास्ता देख रहे हैं।
यशपाल आर्य ने ऐसे नेताओं के लिए शुरुआत भी कर दी है। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत अपने तीखे तेवरों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हरक सिंह रावत के भी कांग्रेस में वापसी के समय-समय पर कयास लगते रहते हैं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले नेताओं के दल-बदल और यशपाल आर्य की वापसी के बाद भाजपा नाराज नेताओं को साधने में जुट गई है। इन्हीं में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी बताए जा रहे हैं।
मदन कौशिक ने हरक सिंह रावत संग एक घंटे बात की
मंगलवार सुबह कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत कोटद्वार से देहरादून के लिए निकले। हरिद्वार पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने हरक सिंह रावत के साथ डामकोठी अतिथि गृह में करीब एक घंटे वार्ता की। वार्ता बंद कमरे में दोनों के बीच हुई। अचानक मदन कौशिक और हरक सिंह रावत की वार्ता से सियासी गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं। हर कोई इस वार्ता के मायने निकालने में जुट गया। वार्ता के बाद हरक सिंह रावत कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए।
ये एक रुटीन बैठक थी। मेरी हरक सिंह से अकसर वार्ता होती रहती है। इससे ज्यादा कुछ नहीं है। हरक सिंह हमारे वरिष्ठ नेता हैं और संगठन से जुड़े मसलों पर हम चर्चा करते ही रहते हैं।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
मैं कोटद्वार से लौट रहा था। मुझे प्रदेश अध्यक्ष का फोन आया। उनके साथ कुछ देर वार्ता हुई। यह एक सामान्य मुलाकात थी। जब दो नेता बैठेंगे तो राजनीति पर चर्चा तो होगी ही।
- डॉ. हरक सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री
भाजपा की रहेगी अब आर्य पर नजर
करीब साढ़े चार साल से अधिक समय भाजपा में बिताकर कांग्रेस में लौटे पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पर अब भाजपा केंद्रीय व प्रांतीय नेतृत्व की निगाह रहेगी। कांग्रेस आर्य को दल-बदल के अभियान में उतार सकती है। कांग्रेस के पास आर्य अब ऐसे सूत्रधार हैं, जो बगावत कर भाजपा में गए विधायकों व मंत्रियों से संपर्क साधने का जरिया हो सकते हैं।
उधर, आर्य और उनके बेटे के कांग्रेस में जाने के बाद भाजपा में सन्नाटा है। ईंट का जवाब पत्थर से कैसे दिया जाए, इस बारे में गहन मंथन हो रहा है। साथ ही कमजोर कड़ियों पर निगेहबानी बढ़ाने और उनसे निरंतर संवाद का सिलसिला जारी रखने का अभियान शुरू हो गया है। कौशिक और हरक हरिद्वार में हुई मुलाकात के यही मायने टटोले जा रहे हैं।