{"_id":"66ec467008aa092c7406b48a","slug":"urs-2024-group-of-pakistani-pilgrims-return-from-piran-kaliyar-dargah-after-jiyarat-2024-09-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Urs 2024: प्यार और दोस्ती का पैगाम लेकर अपने वतन लौटे पाकिस्तानी जायरीन, उर्स की रस्मों में हुए थे शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Urs 2024: प्यार और दोस्ती का पैगाम लेकर अपने वतन लौटे पाकिस्तानी जायरीन, उर्स की रस्मों में हुए थे शामिल
Thu, 19 Sep 2024 09:21 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिरान कलियर (रुड़की)
संवाद न्यूज एजेंसी, पिरान कलियर (रुड़की)
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 19 Sep 2024 09:21 PM IST
सार
Urs 2024: पाकिस्तान के विभिन्न शहरों से 15 सितंबर को 81 जायरीनों का जत्था साबिर पाक के सालाना उर्स में शामिल होने के लिए कलियर पहुंचा था।
विज्ञापन
अपने वतन लौटे पाकिस्तानी जायरीन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कलियर साबिर पाक के 756वें सालाना उर्स में शामिल होने पिरान कलियर आए पाक जायरीन बृहस्पतिवार रात को प्यार और दोस्ती का पैगाम लेकर अपने मुल्क लौट गए। इससे पहले पाक जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक में जियारत की। उसके बाद कलियर से कड़ी सुरक्षा के बीच जायरीनों को रोडवेज की बसों से रुड़की रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां से लाहोरी एक्सप्रेस में बैठकर पाक जायरीन अपने मुल्क के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन
पाकिस्तान के विभिन्न शहरों से 15 सितंबर को 81 जायरीनों का जत्था साबिर पाक के सालाना उर्स में शामिल होने के लिए कलियर पहुंचा था। उनके साथ पाक दूतावास से दो सदस्य भी थे। इस दौरान पाक जायरीनों ने उर्स की सभी रस्मों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उर्स में शामिल होने आए पाक जत्थे ने साबिर साहब की जियारत करने के साथ ही यहां के लोगों से मुलाकात की। इस मुलाकात में पाक जायरीन बेहद खुश नजर आए। भारतीयों से इन पांच दिनों में बेहद प्यार और अपनापन मिला। जिसे देखकर वे बहुत खुश थे।
विज्ञापन
URS 2024: साबिर पाक का 756वां सालाना उर्स, गुस्ल शरीफ की रस्म अदा में उमड़ी जायरीनों की भीड़
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को जब वापस लौटने का वक्त आया तो सभी पाक जायरीन उदास थे और गले मिलकर पूरा दिन वे लोगों से मिलते रहे। पाक जायरीनों ने कहा कि उन्हें कभी यह नहीं लगा कि वह किसी दूसरे मुल्क में हैं। भारत में उन्हें बेहद प्यार और सम्मान मिला। इस सम्मान और प्यार को वह जिंदगी भर यादों में संजोकर रखेंगे।
अगले साल उर्स में आने के लिए दुआ भी की है। पाक जत्थे के लीडर फ़हद इफ्तेखार और डिप्टी लीडर खालिद ने बताया कि हम यहां की सरकार और लोगों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते है। यहां आकर बहुत ही प्यार और अपनापन मिला। इससे पहले दरगाह प्रशासन ने सभी पाक जायरीनों को चादर और प्रसाद वितरित किया। स