Urs 2020: सालाना उर्स पर सीएम ने दरगाह में भेजी चादर, मांगी शांति और सद्भावना की दुआ
- 752वें उर्स की बड़ी रस्म कुल शरीफ के दिन दरगाह साबिर पाक में पेश की जाएगी
- शायर अफजल मंगलौरी के हाथों चादर भेजकर मांगी शांति और सद्भावना की दुआ
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साबिर पाक के 752वें सालाना उर्स पर प्रदेश में शांति, सद्भाव, खुशहाली और कोरोना से मुक्ति की प्रार्थना के साथ चादर भिजवाई है। अंतरराष्ट्रीय शायर एवं उर्स आयोजन समिति के संयोजक अफजल मंगलौरी के माध्यम से भेजी गई सीएम की चादर उर्स की बड़ी रस्म कुल शरीफ के दिन दरगाह साबिर पाक में पेश की जाएगी।
शायर अफजल मंगलौरी ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साबिर पाक के सालाना उर्स में सद्भावना चादर भेजी है। इसे उर्स की बड़ी रस्म कुल शरीफ के दिन दरगाह साबिर पाक में पेश की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रावत ने कहा है कि उत्तराखंड की धरती उन ऋषियों, मुनियों और सूफी संतों की धरती रही है, जिन्होंने विश्व कल्याण, मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
देश और प्रदेश के सामने कोरोना जैसी महामारी के खात्मे के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सुझावों और अपील पर अमल करना होगा। इस दौरान अफजल मंगलौरी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह को मांग पत्र देकर अनुरोध किया कि कोरोना संकट को देखते हुए पिरान कलियर उर्स मेले में बिजली, सफाई, टिनशेड, पुलिस व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी भुगतान दरगाह के खाते से न कराकर शासन की ओर से कराए जाएं। मौके पर मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी सतीश चंद्र खुल्बे, विक्रम सिंह चौहान, धीरेंद्र सिंह पंवार, मुख्यमंत्री सचिव अमित नेगी मौजूद रहे।
निशुल्क कैंप का किया शुभारंभ
उर्स में जायरीनों के लिए अल मकदूम साबरी साजिदी फाउंडेशन की ओर से निशुल्क मेडिकल कैंप लगाया गया है। इसमें चौबीस घंटे डॉक्टर मौजूद रहेंगे। कैंप का शुभारंभ पीरे तरीकत हजरत सैयद साजिद अलीमियां साबरी ने फीता काटकर किया। साजिद अली मिया साबरी ने बताया कि हर वर्ष जायरीनों की सुविधा के लिए नि:शुल्क कैंप लगाया जाता है। इस बार भी उर्स में कैंप लगाया गया है। उन्होंने उर्स में आने वाले सभी जायरीनों से अपील है कि शारीरिक दूरी और मास्क का उपयोग करें और प्रशासन का सहयोग करें। इस मौके पर कैंप के आयोजक सैयद मकदूम अली मियां साबरी, डॉ. फहीम, सफीक, गजनफर, राशिद मलिक, हाजी इसहाक, खालिद आदि मौजूद रहे। संवाद
सालाना उर्स में बढ़ने लगी है रौनक
साबिर पाक के सालाना उर्स में रौनक बढ़ने लगी है। उर्स अपनी रंग पर पहुंचता जा रहा है। दुकानदारों ने साबिर पाक के उर्स में दरगाह में पेश होने वाली चादरें, फूल, इलायची दाना, सोहन हलवा आदि की दुकानें सजानी शुरू कर दी है।
दुकानदार अपनी दुकानों में जायरीनों को आकर्षित करने के लिए उन्हें नई चादरों और खूबसूरत गुलाब के फूलों से सजा रहे हैं। वैसे तो फूल, चादर, इलायची दाना एवं सोहन हलवा बेचने का ठेका दरगाह से ठेकेदार नीलामी में छुड़ाते हैं।
ठेकेदार ही चादर और फूल बेच सकते हैं, लेकिन उर्स के दौरान चांद की एक तारीख से 20 तारीख तक कोई भी चादर, फूल एवं इलायची दाना बेच सकता है। उर्स में जगह-जगह चादर फूल की दुकानें सजने लगी हैं। जायरीन दुकानदारों से चादरें, फूल, अगरबत्ती दुकानों से लेकर दरगाह में पेश कर रहे हैं।