उर्दू शिक्षक भर्ती मामला: मानकों की अनदेखी पर 11 शिक्षकों के नियुक्ति आदेश रद्द, कुछ और पर गिर सकती है गाज
हाईकोर्ट के आदेश पर 11 शिक्षकों के नियुक्ति को रद्द किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया कि इन अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों को बंद लिफाफे में आरक्षित रखा जाएगा। मामले में याचिका के अंतिम आदेश पर नियुक्ति संबंधी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षा विभाग में उर्दू शिक्षक भर्ती में मानकों की अनदेखी पर 11 शिक्षकों के नियुक्ति आदेश रद्द कर दिए गए हैं। मामला हरिद्वार जिले का है। जिले में छह महीने पहले इन शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। हरिद्वार जिले में सात अक्तूबर 2021 को करीब 54 पदों पर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी।
नियुक्ति के बाद इन शिक्षकों को विभिन्न स्कूलों में तैनाती दी गई, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी हरिद्वार एसपी सेमवाल की ओर से आदेश जारी कर 11 उर्दू शिक्षकों मोहम्मद इकराम, मोहम्मद इनाम, उस्मान, शाकिर हुसैन, नोशादुल हसन, जुबैर अशहर, नसीम अहमद, शाहजमा, शादाब अहमद, अनीस अहमद सिद्दीकी और अता मोहम्मद की नियुक्ति पत्र को यह कहते हुए रद्द कर दिया गया है।
उनकी नियुक्ति निर्धारित अर्हता बीएड प्रशिक्षितों के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक से कम अंक के बावजूद कर दी गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी नियुक्ति को रद्द किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया कि इन अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों को बंद लिफाफे में आरक्षित रखा जाएगा। मामले में याचिका के अंतिम आदेश पर नियुक्ति संबंधी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तथ्य छिपाकर टीईटी की होगी जांच
उर्दू शिक्षक भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों पर तथ्य छिपाकर टीईटी कराने का भी आरोप है। आरोप है कि इन अभ्यर्थियों ने खुद को डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन) होना दर्शाकर टीईटी की परीक्षा दी। शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल ने कहा कि प्रकरण की शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
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उर्दू शिक्षक भर्ती में स्नातक में 50 फीसदी अंकों की बाध्यता की अनदेखी कर कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए थे। इनके नियुक्ति पत्र रद्द कर दिए गए हैं। इनके मामले में हाईकोर्ट का एक अन्य फैसला आया है, लेकिन इस पर अभी शासन की ओर से कोई आदेश जारी नहीं हुआ। मामले में शासन के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-एसपी सेमवाल डीईओ बेसिक हरिद्वार