बोर्ड बैठक में स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर गैर भाजपा पार्षदों ने जोरदार हंगामा किया। उन्होंने स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इसके साथ ही मेंटेनेंस में गड़बड़ी का आरोप लगाया। करीब आधे घंटे चले हंगामे के बाद मेयर और कमिश्नर ने मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को बदलने का निर्णय लिया। जल्द ही किसी दूसरी कंपनी को यह काम दिया जाएगा।
बता दें कि पिछले दिनों शहर के चार जोन में चार अलग-अलग कंपनियों को स्ट्रीट लाइट लगवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके तहत शहर में नए पुराने वार्डों में 65 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगवाई जा रही हैं। लेकिन, लंबे समय से शिकायत है कि यह लाइटें लगने के कुछ दिन बाद ही बंद हो गई हैं। इनके लिए लगातार शिकायतें भी हो रही हैं। लेकिन मेंटेनेंस करने वाली कंपनी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। कई बार कांग्रेस पार्षद इस बात को लेकर निगम में हंगामा भी कर चुकी हैं। मंगलवार को बोर्ड बैठक में भी कांग्रेसियों ने यही मुद्दा उठाया। पार्षद एक स्वर में मेंटेनेंस कंपनी का विरोध करने लगे। उन्होंने लाइटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। करीब आधे घंटे तक यह हंगामा चला। इस पर मेयर सुनील उनियाल गामा और सिटी कमिश्नर अभिषेक रोहेला ने लाइटों की मेंटेनेंस कंपनी को बदलने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तत्काल प्रभाव से इस कंपनी से मेंटनेंस का कार्य हटा लिया जाएगा। इसके बाद नई कंपनी को यह काम दिया जाएगा। ताकि, लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।