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Action: नियमों की अनदेखी कर उपनल में रखे गए 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को किया बाहर

Tue, 01 May 2018 09:40 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 01 May 2018 09:40 PM IST
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upnl 22 employee terminate from health department in uttarakhand

उपनल के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में रखे गए 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इन सभी कर्मचारियों को उपनल के माध्यम से वर्ष 2014 और  2016 में रखा गया था। इन सभी को सीएमओ की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है।

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इनकी सेवा लेने से विभाग ने इनकार करते हुए पूरे प्रकरण से स्वास्थ्य महानिदेशक को अवगत करा दिया है। सीएमओ की माने तो इन्हें टर्मिनल नोटिस जारी कर दिया गया है। अग्रिम प्रक्रिया स्वास्थ्य महानिदेशक के अनुसार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि विधिवत प्रक्रिया न अपनाकर नियुक्ति देने के कारण इन्हें हटाया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के उपरांत उपनल के माध्यम से वर्ष 2014 में तत्कालीन सीएमओ ने इन कर्मचारियों को रखा था। इसके बाद दूसरे सीएमओ ने भी यही प्रक्रिया जारी रखते हुए 2016 में कुछ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखे।
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इन सभी 22 कर्मचारियों को रखने के लिए सीएमओ स्तर से निदेशक से या स्वास्थ्य महानिदेशक से कोई अनुमति तक नहीं ली गई थी। राज्य सरकार के शासनादेश के अनुसार संविदा पर रखे गए कर्मचारियों का अनुबंध नवीनीकरण हर साल होता है।

जिसके तहत उपनल के माध्यम से रखे गए 22 कर्मचारियों की सेवा 30 अप्रैल को समाप्त हो गई और अब फिर से इनकी नवीनीकरण की फाइल सीएमओ डा. एके गैरोला के पास आई, तो उन्होंने इनकी भर्ती प्रक्रिया संबंधित नियमावली भी मंगर्वाई।

मृत पदों पर कर दी थी तैनाती

upnl 22 employee terminate from health department in uttarakhand
prem chandra agarwal - फोटो : file photo

नियमावली पढ़ने के उपरांत यह सामने आया कि सभी कर्मचारी नियम विरुद्घ रखे गए थे। सीएमओ डा. एके गैरोला ने बताया कि इन कर्मचारियों को रखने के पद विभाग में न होने पर इनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया जा सकता। अब अनुबंध समाप्त होने से इनकी सेवा एक मई से रोक दी गई है। इन सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया गया है कि उपस्थिति पंजिका में अपनी उपस्थिति नहीं लगाएं। इनके संदर्भ में जिन कार्यालयों में इनकी तैनात थी वहां के प्रभारियों को भी इनकी सेवा न लेने के लिए कह दिया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष के बेटे की नियुक्ति पर मचा था बवाल
 उपनल के माध्यम से अनाधिकृत रूप से नौकरी पा लेने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल का मामला भी पिछले दिनों राज्यभर में सुर्खियां बना था। बाद में विधानसभा अध्यक्ष के बेटे ने त्यागपत्र दे दिया था।

मृत पदों पर कर दी थी तैनाती
सीएमओ डा. एके गैरोला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाता है तो उसका पद ही समाप्त कर दिया जाता है। इससे पद को मृत मान लिया जाता है। इनके स्थान पर उपनल के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रख दिए गए।  

पद मृत होने के बावजूद विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपनल के माध्यम से रखे थे। अब एक मई से इनके अनुबंध का नवीनीकरण होना था, तो पूरे मामले की स्थिति सामने आई। पद न होने पर नियमावली के अनुसार इनका नवीनीकरण नहीं हो सकता। जिसपर इन सभी को टर्मिनल नोटिस जारी कर दिया गया है और पूरे प्रकरण से स्वास्थ्य महानिदेशक को अवगत करा दिया गया है। अग्रिम कार्रवाई उनके निर्देश पर होगी।
- डा. एके गैरोला, सीएमओ, हरिद्वार।

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