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Unlock in Uttarakhand : नहीं लौट पाई स्टेशन, एयरपोर्ट और बस अड्डे की रौनक
Fri, 28 Aug 2020 01:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:13 PM IST
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देहरादून रेलवे स्टेशन
- फोटो : AmarUjala
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लॉकडाउन के बाद परिवहन से जुड़े रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस अड्डे पर अब अनलॉक-3 शुरू होने के बावजूद रौनक नहीं लौट पाई है। हालात यह हैं कि जहां कभी 1500 बसों का संचालन होता था, वहां आज केवल 50 बसें चल रही हैं। जहां 28 ट्रेनें चलती थीं। आज वहां केवल दो ही ट्रेनें चल पा रही हैं। अमर उजाला के तीन रिपोर्टरों तीनों जगहों के हालात जाने।
रेलवे स्टेशन : ट्रेनों की संख्या सीमित, दुकानें नहीं हो पाईं अनलॉक
कोरोना संकट के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकार ने बेशक अनलॉक तीन लागू करने के साथ ही ट्रेनों का भी संचालन कर दिया है लेकिन दून रेलवे स्टेशन पर 22 मार्च से पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही है।
आलम यह है कि कोरोना संकट के मद्देनजर रेलवे स्टेशन से सिर्फ देहरादून-नईदिल्ली और देहरादून- काठगोदाम जनशताब्दी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जबकि 26 से अधिक ट्रेनों के संचालन पर मंत्रालय की ओर से रोक लगाई गई है।
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ट्रेनों का संचालन नहीं होने और यात्रियों की संख्या बेहद कम होने की वजह से रेलवे स्टेशन के तमाम कारोबारी 22 मार्च के बाद से ही नदारद हैं। तमाम दुकानें बंद हैं। यात्रियों और कारोबारियों के साथ ही रेलवे से भेजे जाने वाले सामानों के कारोबार पर भी खासा असर पड़ा है।
आईएसबीटी : नहीं लौट पाई रौनक
जिस आईएसबीटी से पूरे राज्य और विभिन्न राज्यों के लिए रोजाना 1500 गाड़ियों का संचालन होता था, वहां अनलॉक शुरू होने के बावजूद अभी तक केवल 50 गाड़ियों का ही संचालन हो पा रहा है। बाहरी राज्यों से कोई भी गाड़ी नहीं आ पा रही है। आईएसबीटी में रौनक लौट नहीं पाई है। सरकार भी अभी दूसरे राज्यों के लिए बसें चलाने पर फैसला नहीं ले पाई है।
आईएसबीटी पर पहले 24 घंटे बसों का संचालन होता था, आज वहां शाम को सात बजे के बाद सन्नाटा पसर जाता है। महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि अंतरराज्यीय बसों के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। फिलहाल इसका इंतजार किया जा रहा है।
धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं हवाई यात्री
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बाद 25 मई से हवाई सेवाऐं शुरू की गई। अब धीरे-धीरे हवाईसेवाओं को विस्तार मिला और हवाई यात्रियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। खास बात है कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सभी व्यवस्थाओं को चाक चौंबद रखा जा रहा है।
जुलाई अंत में राज्य के चार बड़े स्थानों को हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए सरकार की ओर से हेलीकाप्टर सेवा को शुरू किया गया है। इसके अलावा लखनऊ आदि शहरों के लिए भी हवाई सेवाऐं मिलने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होना शुरू हो गया है। एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से हवाई यात्रियों को सुरक्षित यात्रा देने में हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है।
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रेलवे स्टेशन : ट्रेनों की संख्या सीमित, दुकानें नहीं हो पाईं अनलॉक
कोरोना संकट के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकार ने बेशक अनलॉक तीन लागू करने के साथ ही ट्रेनों का भी संचालन कर दिया है लेकिन दून रेलवे स्टेशन पर 22 मार्च से पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही है।
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आलम यह है कि कोरोना संकट के मद्देनजर रेलवे स्टेशन से सिर्फ देहरादून-नईदिल्ली और देहरादून- काठगोदाम जनशताब्दी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जबकि 26 से अधिक ट्रेनों के संचालन पर मंत्रालय की ओर से रोक लगाई गई है।
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ट्रेनों का संचालन नहीं होने और यात्रियों की संख्या बेहद कम होने की वजह से रेलवे स्टेशन के तमाम कारोबारी 22 मार्च के बाद से ही नदारद हैं। तमाम दुकानें बंद हैं। यात्रियों और कारोबारियों के साथ ही रेलवे से भेजे जाने वाले सामानों के कारोबार पर भी खासा असर पड़ा है।
आईएसबीटी : नहीं लौट पाई रौनक
जिस आईएसबीटी से पूरे राज्य और विभिन्न राज्यों के लिए रोजाना 1500 गाड़ियों का संचालन होता था, वहां अनलॉक शुरू होने के बावजूद अभी तक केवल 50 गाड़ियों का ही संचालन हो पा रहा है। बाहरी राज्यों से कोई भी गाड़ी नहीं आ पा रही है। आईएसबीटी में रौनक लौट नहीं पाई है। सरकार भी अभी दूसरे राज्यों के लिए बसें चलाने पर फैसला नहीं ले पाई है।
आईएसबीटी पर पहले 24 घंटे बसों का संचालन होता था, आज वहां शाम को सात बजे के बाद सन्नाटा पसर जाता है। महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि अंतरराज्यीय बसों के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। फिलहाल इसका इंतजार किया जा रहा है।
धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं हवाई यात्री
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बाद 25 मई से हवाई सेवाऐं शुरू की गई। अब धीरे-धीरे हवाईसेवाओं को विस्तार मिला और हवाई यात्रियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। खास बात है कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सभी व्यवस्थाओं को चाक चौंबद रखा जा रहा है।
जुलाई अंत में राज्य के चार बड़े स्थानों को हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए सरकार की ओर से हेलीकाप्टर सेवा को शुरू किया गया है। इसके अलावा लखनऊ आदि शहरों के लिए भी हवाई सेवाऐं मिलने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होना शुरू हो गया है। एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से हवाई यात्रियों को सुरक्षित यात्रा देने में हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है।