बदरीनाथ से ऋषिकेश लौट रहे 250 यात्रियों को बैरियर पर रोका, पुलिस से हुई झड़प
- रात आठ बजे के बाद ऋषिकेश जाने के लिए रोके जाने पर भड़के
- एक घंटे बाद माने यात्री, कीर्तिनगर में ही रुकवाए गए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बदरीनाथ से लौट रहे लगभग 250 यात्रियों की कीर्तिनगर बैरियर पुल के पास पुलिस से तीखी झड़प हो गई। पुलिस के रात्रि आठ बजे के बाद ऋषिकेश जाने की इजाजत देने से मना करने पर यात्री भड़क गए।
एक घंटे तक पुलिस और यात्रियों के बीच बहस होती रही। यात्रियों को समझाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बीते दिनों हुई दुर्घटना का हवाला देने पर यात्री माने और कीर्तिनगर में रात गुजारी।
यह भीप पढ़ें: Char dham Yatra 2020: दो बजे के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ नहीं जा सकेंगे तीर्थयात्री
29 सितंबर को टिहरी के जीरो प्वाइंट में हुई सड़क दुर्घटना के बाद टिहरी पुलिस ने रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। रविवार को ऋषिकेश की ओर जाने के लिए यहां रात लगभग नौ बजे बदरीनाथ की तरफ से 250 यात्री पहुंच गए, जिन्हें पुलिस ने कीर्तिनगर पुलिस बैरियर पर रोक दिया।
इस दौरान यात्रियों की पुलिस से तीखी बहस हो गई। जगह-जगह मार्ग अवरुद्ध होने और जाम लगने से यात्री वाहन समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका गुस्सा पुलिस को झेलना पड़ा।
तीर्थयात्रियों ने लगाया गाइडलाइन जारी न करने का आरोप
यात्रियों का कहना था कि मार्ग बाधित होने से उन्हें यहां पहुंचने में देरी हुई है। कहना था कि कीर्तिनगर में रोके जाने से उनका यात्रा कार्यक्रम खराब हो जाएगा, लेकिन पुलिस ने सरकारी आदेश का हवाला देते हुए साफ मना कर दिया।
दिन भर से परेशान यात्रियों का कहना था कि इस संबंध में सरकार ने कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है। जिस पर पुलिस की ओर से बताया गया कि यह आदेश पहले से ही प्रभावी है।
पहाड़ी मार्गों में खतरे को देखते हुए यात्राकाल में रात 8 से सुबह 4 बजे तक यातायात प्रतिबंधित है। यात्रियों को बड़ी मुश्किल से समझाया गया। उन्हें पहाड़ी रास्तों में रात में खतरे से अवगत कराया गया, जिसके बाद वह समझे।
- रेखा दानू, एसएसआई, कीर्तिनगर कोतवाली