Unlock-1: ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर शुरू हुई गंगा आरती, 16 की जगह पांच पंडितों ने ही की पूजा
- सोशल डिस्टेंस के साथ शुरू हुई त्रिवेणीघाट पर सांध्यकालीन गंगा आरती
- आरती के पूर्व तथा बाद में परिसर को किया सैनिटाइज, श्रद्धालुओं की हुई थर्मल स्क्रीनिंग
विस्तार
धार्मिक गतिविधियों को सशर्त खोलने की छूट के मंगलवार शाम ठीक साढ़े छह बजे से त्रिवेणी घाट पर सांध्यकालीन गंगा आरती शुरू हुई। गंगा महासभा की ओर से आयोजित गंगा आरती में 65 वर्षीय बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को परिसर में शामिल नहीं होने दिया गया। आरती स्थल पर सिर्फ 50 लोगों को ही शामिल किया गया। इससे पूर्व दोपहर में पूरे गंगा घाट को सेनिटाइज किया गया। वहीं, आरती शुरू होने से आधा घंटा पूर्व करीब छह बजे और आरती समाप्त होने के उपरांत परिसर को सैनिटाइज किया गया।
महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल शर्मा ने बताया कि आरती स्थल पर आने वाले प्रत्येक श्रद्घालु की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान कुछ श्रद्घालुओं का तापमान ज्यादा निकला। इस कारण उन्हें आरती परिसर में नहीं जाने दिया गया। बताया कि मास्क पहनकर आने वाले श्रद्घालुओं को आरती में शामिल होने दिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आरती के बाद प्रसाद, श्रद्घालुओं को टीका और गंगाजल का छिड़काव नहीं किया गया है।
लाइव की जगह रिकॉर्डिंग से हुई आरती
महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल शर्मा ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार लाइव आरती की जगह रिकॉर्डिंग से आरती संपन्न करवाई गई है। बताया कि शाम सात बजे के बाद लॉकडाउन होने के कारण साढ़े छह बजे आरती शुरू की गई, जबकि सामान्य दौर में लाइव आरती की जाती है, इसमें एक हारमोनियम वादक, तबला और ढोलक वादक, सिंगर, बैकग्राउंड सिंगर के जरिए सजीव आरती की व्यवस्था होती है। सोशल डिस्टेंस को देखते हुए रिकॉर्डिंग से आरती करवाई गई है।
खुले रहे मंदिर, नहीं पहुंचे भक्त
मंगलवार को तीर्थनगरी के मंदिर भक्तों के लिए खुले रहे। मगर, कोरोना संक्रमण को देखते हुए भक्तों की संख्या में बहुत कमी देखने को मिली।
मंगलवार को मायाकुंड स्थित हनुमान मंदिर, जयराम आश्रम स्थित हनुमान मंदिर, नीमकरोली में हनुमान मंदिर, रेलवे रोड स्थित हनुमान मंदिर, आशुतोष नगर स्थित हनुमान मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से शाम तक गिने चुने भक्त ही पहुंचे।