फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   united nations gave biodiversity mission to india.

कई देशों से नाराज संयुक्त राष्ट्र का 'मिशन' अब भारत के पास

Tue, 22 Sep 2015 01:23 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 22 Sep 2015 01:23 PM IST
विज्ञापन
united nations gave biodiversity mission to india.

विश्व के कई देशों से नाखुश संयुक्त राष्ट्र ने अपने जरूरी 'मिशन' की बागडोर भारत के हाथ में सौंप दी है।

विज्ञापन


ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण जैव विविधता पर मंडरा रहे खतरों के मद्देनजर विश्व के कई देशों में संतोषजनक कार्य न होने से नाखुश संयुक्त राष्ट्र ने यह मिशन भारत को दिया है।

संयुक्त राष्ट्र ने जैव विविधता के संरक्षण को लेकर एक नए ग्रुप का गठन किया है जिसमें 10 देश शामिल हैं। इस ग्रुप का अध्यक्ष भारतीय वन्य जीव संस्थान के निदेशक डॉ. वीबी माथुर को बनाया गया है।
विज्ञापन


यूनेस्को भी विश्व प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के मामले में भारत को अपना ‘गुरु’ मान चुका है। अब संयुक्त राष्ट्र ने जैव विविधता संरक्षण के संबंध में तैयार की गई सात संधियों को प्रभावी रूप से विश्व के विभिन्न देशों में लागू करने के लिए भारत को जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जैव विविधता संरक्षण पर कार्य कैसे किए जाने हैं इस पर जेनेवा की बैठक में फार्मेट तैयार कर लिया गया है। इस फार्मेट पर देश अपने यहां की जैव विविधता संरक्षण पर होने वाले कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भेजेंगे। ग्रुप की पहली बैठक जिनेवा में 17-18 सितंबर को हो चुकी है। अगली बैठक जनवरी 2016 में प्रस्तावित है।

दून डॉ. वीबी माथुर के नेतृत्व में भारत करेगा अगुआई

united nations gave biodiversity mission to india.

डॉ. माथुर ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने 192 सदस्य देशों के लिए जैव विविधता संरक्षण को लेकर सात संधियां तैयार की थीं। भारत इन सभी संधियों का सदस्य है।

कुछ देश जरूरत के लिहाज से पांच और संधियों केसदस्य बने थे। विभिन्न देशों के बीच इन संधियों पर अमल करने के लिए तालमेल नहीं बैठ पा रहा है इसलिए संयुक्त राष्ट्र ने जैव विविधता ग्रुप बनाया है।

संयुक्त राष्ट्र की सात संधियां
- जीव वैज्ञानिक विविधता का संरक्षण
- खतरे में पड़ीं वन्य जीवों और वनस्पतियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अंकुश
- एक जगह से दूसरी जगह जाने वाले (माइग्रेटरी) वन्य जीवों का संरक्षण
- भोजन और कृषि में प्रयोग होने वाले प्लांट जेनेटिक स्रोतों का संरक्षण
- नमी वाले क्षेत्रों (वेट लैंड) और इनकेस्रोतों का संरक्षण
- सांस्कृतिक और प्राकृतिक विश्व धरोहरों का संरक्षण
- विश्व पौधा स्रोतों का संरक्षण

ग्रुप के सदस्य देश
- भारत, कनाडा, सूडान, पलाओ, बोस्निया-हर्जेगोविना, जार्जिया, मैक्सिको, फिनलैंड, पेरू आदि

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed