Uniform Civil Code: बिन फेरे हम तेरे...दो दीवानों का अब बन सकेगा आशियाना, नहीं पड़ेगा भटकना, ऐसे होगा पंजीकरण
यदि कोई जोड़ा पहले से लिवइन रिलेशनशिप में है तो उन्हें यूसीसी लागू होने के एक महीने के भीतर अपना पंजीकरण करवाना होगा। दूसरा, यूसीसी लागू होने के बाद जो लिवइन रिलेशनशिप में प्रवेश करेंगे, उन्हें भी एक महीने के भीतर पंजीकरण करवाना होगा।
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सामान नागरिक संहिता (यूसीसी) की नियमावली लागू होने से उन युवा जोड़ों का भी आशियाना बन सकेगा, जिन्हें बिन फेरे एक साथ रहने के लिए किराये पर घर नहीं मिलता। यूसीसी में विशेष तौर पर ऐसे जोड़ों के लिए ऑनलाइन प्रोविजिनल सर्टिफिकेट जारी करने का प्रावधान किया गया है।
इसके तहत यदि कोई जोड़ा लिवइन में रहना चाहता है, लेकिन उनके पास घर नहीं है तो वह यूसीसी पोर्टल पर पंजीकरण कर प्रोविजिनल सर्टिफिकेट ले सकते हैं। ये सर्टिफिकेट 30 दिन वैध रहेगा, जिसे 15 दिन और बढ़ाया जा सकता है। इतने समय में प्रोविजिनल सर्टिफिकेट दिखाकर किराये का घर लिया जा सकता है। मकान मालिक उनकी शादी नहीं होने की बात कहकर लिवइन रिलेशन को मानने से इन्कार नहीं कर सकते।
यूसीसी नियमावली समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह के अनुसार, विशेष यह है कि यदि उनके पास साझा आवास है तो उनका पंजीकरण संक्षिप्त जांच के बाद सीधे हो जाएगा। यदि आवास नहीं है तो वे पंजीकरण करके प्रोविजिनल सर्टिफिकेट ले सकते हैं। उसके आधार पर अगले 45 दिन की अवधि के भीतर पोर्टल पर आवास प्रमाणपत्र दाखिल करके पूर्ण पंजीकरण करवा सकते हैं।
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ये भी हैं प्रावधान
- एक या दोनों मिलकर ऑनलाइन या ऑफलाइन लिवइन रिलेशनशिप समाप्त कर सकते हैं। यदि एक साथी आवेदन करता है तो रजिस्ट्रार दूसरे साथी की पुष्टि कर इसे स्वीकार करेगा।
- यदि बच्चे का जन्म होता है तो 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार को अपडेट करना अनिवार्य होगा। संबंधित विवाद सिविल वाद के तहत न्यायालय में सुने जाएंगे।
- लिवइन में जाने और निकलने की प्रक्रिया में शुल्क का भुगतान होगा।
छह माह अधिकतम कैद का प्रावधान
पहला, यदि कोई जोड़ा एक महीने तक लिवइन रिलेशन का पंजीकरण नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ न्यायिक कार्यवाही के तहत तीन महीने की जेल या 10 हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों सजा हो सकती है। दूसरा, यदि किसी ने पंजीकरण में गलतबयानी की या कागज में कोई जालसाजी अथवा कोई सूचना छिपाई तो उसे तीन महीने की सजा या 25 हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों सजा हो सकती हैं। तीसरा, यदि कोई लिवइन रिलेशन में है और सूचना नहीं दाखिल की है तो उसे रजिस्ट्रार की ओर से पंजीकरण करवाने का नोटिस जाएगा। उसके बाद भी उसने पंजीकरण नहीं करवाया तो छह महीने की कैद या 25 हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों सजा मिल सकती हैं।