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राजधानी के विभिन्न इलाकों में दर्जन भर अनाधिकृत आवासीय, व्यावसायिक भवन सील
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मसूरी - देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) से अनुमति लिए बगैर आवासीय और व्यावसायिक भवन का निर्माण करने वाले भवन स्वामियों पर प्राधिकरण अधिकारियों ने शिकंजा कस दिया है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने अधिकारियों, इंजीनियरों के साथ बैठक कर इस बात के कड़े दिशा निर्देश दिए हैं कि प्राधिकरण क्षेत्र में जो भी अनाधिकृत तरीके से आवासीय, व्यवसायिक निर्माण किए जा रहे हैं ऐसे सभी निर्माणों को चिह्नित कर उन्हें सील कर दिया जाए। प्राधिकरण उपाध्यक्ष के कड़े दिशानिर्देशों के बाद जोनल अधिकारियों की अगुवाई में अभियान भी शुरू कर दिया गया है। विशेष अभियान के दौरान एक दर्जन से अधिक आवासीय, व्यवसायिक भवनों को सील करने के साथ ही भवन स्वामियों को नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एमडीडीए के ज्यादातर अधिकारियों को इंजीनियरों के चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने के बाद प्राधिकरण अधिकारी और इंजीनियर अनाधिकृत तरीके से बनाए जा रहे आवासीय व्यावसायिक निर्माणों को लेकर कार्रवाई नही कर पा रहे थे। ऐसे में पिछले दो-तीन महीनों के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों में अनाधिकृत आवासीय, व्यावसायिक निर्माणों की भरमार आ गई थी। प्राधिकरण अधिकारियों, इंजीनियरों के चोरी-छिपे भवन स्वामियों ने रातोंदिन लगातार निर्माण कार्य कराते हुए तमाम निर्माण भी कर लिए लेकिन अब इन भवन स्वामियों पर प्राधिकरण अधिकारियों ने शिकंजा कस दिया है।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि अधिकारियों की बैठक कर समीक्षा की गई है सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे तमाम आवासीय, व्यावसायिक भवनों को चिह्नित करने के साथ ही सील करने की कार्रवाई करें, जो प्राधिकरण से अनुमति लिए बगैर बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने यह भी बताया कि जोनल अधिकारी और इंजीनियर्स इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरतें, इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है जो किसी भी जोन में जाकर औचक निरीक्षण करेंगे और ऐसी भवनों को चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे जो अनाधिकृत तरीके से बनाए जा रहे हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष पीके संघ का कहना है कि यदि किसी भी जोन में अनाधिकृत भवनों का निर्माण टास्क फोर्स ने पाया तो संबंधित जोनल अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर उपाध्यक्ष बीके संत ने सभी भवन स्वामियों से यह अपील भी की है कि वे पहले भवनों का मानचित्र स्वीकृत कराएं उसके बाद ही निर्माण कार्य कराएं ताकि किसी प्रकार की झंझट का सामना ना करना पड़े।
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बता दें कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एमडीडीए के ज्यादातर अधिकारियों को इंजीनियरों के चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने के बाद प्राधिकरण अधिकारी और इंजीनियर अनाधिकृत तरीके से बनाए जा रहे आवासीय व्यावसायिक निर्माणों को लेकर कार्रवाई नही कर पा रहे थे। ऐसे में पिछले दो-तीन महीनों के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों में अनाधिकृत आवासीय, व्यावसायिक निर्माणों की भरमार आ गई थी। प्राधिकरण अधिकारियों, इंजीनियरों के चोरी-छिपे भवन स्वामियों ने रातोंदिन लगातार निर्माण कार्य कराते हुए तमाम निर्माण भी कर लिए लेकिन अब इन भवन स्वामियों पर प्राधिकरण अधिकारियों ने शिकंजा कस दिया है।
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प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने बताया कि अधिकारियों की बैठक कर समीक्षा की गई है सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे तमाम आवासीय, व्यावसायिक भवनों को चिह्नित करने के साथ ही सील करने की कार्रवाई करें, जो प्राधिकरण से अनुमति लिए बगैर बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं प्राधिकरण उपाध्यक्ष बीके संत ने यह भी बताया कि जोनल अधिकारी और इंजीनियर्स इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरतें, इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है जो किसी भी जोन में जाकर औचक निरीक्षण करेंगे और ऐसी भवनों को चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे जो अनाधिकृत तरीके से बनाए जा रहे हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष पीके संघ का कहना है कि यदि किसी भी जोन में अनाधिकृत भवनों का निर्माण टास्क फोर्स ने पाया तो संबंधित जोनल अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर उपाध्यक्ष बीके संत ने सभी भवन स्वामियों से यह अपील भी की है कि वे पहले भवनों का मानचित्र स्वीकृत कराएं उसके बाद ही निर्माण कार्य कराएं ताकि किसी प्रकार की झंझट का सामना ना करना पड़े।
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