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24 किमी. पैदल चलकर देवप्रयाग पहुंची पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती
Tue, 12 Nov 2019 10:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 12 Nov 2019 10:55 AM IST
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उमा भारती
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा स्वच्छता को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती निजी यात्रा पर देवप्रयाग पहुंची। उन्होंने संगम स्थल पर मां गंगा की आरती की। उमा भारती अपनी निजी गंगा तीर्थ यात्रा के साथ कोटेश्वर से देवप्रयाग तक करीब 24 किमी पैदल चलकर पहुंचीं।
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देवप्रयाग तीर्थ में प्राचीन रघुनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने यहां आयोजित भागवत कथा का श्रवण किया। इसके बाद अलकनंदा भागीरथी संगम स्थल पर पहुंचकर मां गंगा की आरती की। मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री भारती ने कहा कि गंगा के प्रति उनकी अटूट आस्था और विश्वास है।
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उन्होंने उत्तराखंड को स्विट्जरलैंड से बेहतर बताते हुए कहा कि यहां के पेड़ नदी पशु पक्षी सभी दिव्यता लिए है। वह अपना अगला जन्म उत्तराखंड में ही चाहती हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्री मोहन सिंह गांववासी भाजपा नगर अध्यक्ष शशि ध्यानी, संदीप कोठियाल, मातवर सिंह, नटवर लाल, अतुल जोशी, सुरेश तिवाड़ी, कैलाश जोशी, दिनेश प्रयागवाल आदि मौजूद थे।
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किया नक्षत्र वेधशाला का भ्रमण
पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने देवप्रयाग स्थित नक्षत्र वेधशाला संस्थान का भ्रमण कर यहां संग्रहित दुर्लभ पांडुलिपियों, कलाकृतियों, खगोलीय यंत्रों को देखा। उन्होंने देश की इस धरोहर को संरक्षित किए जाने की आवश्यकता बतायी।
मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री नक्षत्र वेधशाला के भ्रमण पर पहुंची, जहां उन्होंने 15वीं एवं 16वीं शताब्दी में रचित तंत्र, वास्तु, ज्योतिष आदि के दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों को देखा। साथ ही प्राचीन ध्रुव घटी, सूर्य व जल घटी व संग्रहित कलाकृतियों का अवलोकन किया।
उन्होंने 1946 में स्व आचार्य चक्रधर जोशी द्वारा स्थापित नक्षत्र वेधशाला को देश की धरोहर बताते हुए इसको संरक्षित किए जाने की आवश्यकता बतायी। वेधशाला संचालक आचार्य भास्कर जोशी द्वारा शाल उढ़ाकर उमा भारती का स्वागत किया गया। इस मौके पर विद्या देवी जोशी, बृजेश, समीर बृजवासी, अभिषेक भट्ट, रोहित मिश्रा, गिरीश कोटियाल, कृति, रजनी देवी, विजयलक्ष्मी जोशी आदि मौजूद थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सुनी भागवत कथा
श्री रघुनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भागवत कथा सुनने पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी पहुंची। कथा के चौथे दिन भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि नारायण को भूलने वाले लोगों के लिए यह दुनिया नरक जैसी है।
जबकि नारायण में आस्था रखने वाले लोग स्वर्ग जैसा जीवन यापन करते है। कहा कि स्वर्ग का आशय ऐसे स्थान से है जहां लोग चिंता से मुक्त सदा खुश रहते है। बताया कि भक्ति हमें संपत्ति तो नहीं देती पर प्रसन्नता जरुर देती है।
और प्रसन्नता से बढकर दुनियां में कोई स्वर्ग नहीं है। जबकि निराशा सबसे बड़ा नरक जैसी है। इस मौके पर मोहन सिंह रावत गांववासी, सुभाष शर्मा, नवनीत जोशी, सुदर्शन डोभाल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।