UKSSSC: पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने गोवा से पकड़ा एक और आरोपी, अब तक हो चुकी 30 गिरफ्तारियां
UKSSSC पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने गोवा से एक आरोपी को पकड़ा है। वहीं पेपर लीक और नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार अब सख्त नकलरोधी कानून बनाने जा रही है। अधीनस्थ सेेवा चयन आयोग की ओर से भेजे गए नकलरोधी कानून के प्रस्ताव का कार्मिक विभाग ने अध्ययन शुरू कर दिया है।
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान और नकल माफिया केंद्रपाल के गुर्गे को एसटीएफ ने गोवा से गिरफ्तार किया है। वह इन दोनों के बीच की कड़ी माना जा रहा है। आरोपी ने प्रश्नपत्र लेकर हल्द्वानी में शशिकांत को मुहैया कराया और वहां रिजॉर्ट में दर्जनों अभ्यर्थियों को नकल कराई।
एसटीएफ इस मामले में अब तक 30 गिरफ्तारियां कर चुकी है। हरेक गिरफ्तारी के बाद नई कड़ियां जुड़ रही हैं। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कंपनी के मालिक राजेश चौहान और नकल माफिया केंद्रपाल के बीच की कड़ी की पहचान की जा रही थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद एक नाम फिरोज हैदर का आया। यूपी के सीतापुर का रहने वाला फिरोज लखनऊ के नकल माफिया गैंग से भी जुड़ा है।
उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थीं। इस बीच उसे उत्तरी गोवा के एक इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लेकर हल्द्वानी में शशिकांत को उपलब्ध कराया था। आरोपी शशिकांत के रिजॉर्ट तक कई अभ्यर्थियों को लेकर भी गया था। वहां 60 से ज्यादा लोगों को नकल कराई गई। एसटीएफ ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस मामले में मंगलवार को एक शिक्षक को भी गिरफ्तार किया गया था। वह पहले सीटीईटी पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है। आरोपी से पूछताछ में कई और बातें भी सामने आई हैं। इनकी तस्दीक की जा रही है। जल्द ही इस मामले में लखनऊ के कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का हो रहा है अध्ययन
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग एक्ट के हिसाब से अभी नकल रोकने का खास प्रावधान नहीं है। आज भी आयोग के एक्ट के तहत पर्ची के साथ नकलची पकड़े जाने पर अनफेयर मीन रूल (यूूएफएम) के प्रावधान हैं। नकलची अब काफी हाईटेक हो चुके हैं। ऑनलाइन परीक्षाओं में कंप्यूटर हैक कर नकल कराने से लेकर ब्लूटूथ डिवाइस से नकल के मामले भी सामने आ चुके हैं। वहीं, इन दिनों स्नातक स्तरीय पेपर लीक का प्रकरण भी खूब चर्चाओं में है। ऐसे नकलचियों और नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए आयोग के पूर्व अध्यक्ष एस राजू और सचिव संतोष बडोनी ने सख्त नकलरोधी कानून बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस प्रस्ताव में पेपर लीक करने वालों को दस साल की जेल से लेकर दस करोड़ तक के जुर्माने की सिफारिश की गई है। उनकी संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है। नकल करने वाले उम्मीदवारों पर भी तीन से पांच साल का प्रतिबंध लगाने के साथ ही पांच साल तक सजा की सिफारिश भी की गई है। शासन ने इस प्रस्ताव का अध्ययन शुरू कर दिया है।
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ऐसे बनेगा कानून
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के प्रस्ताव पर सरकार चाहेगी तो पूरे प्रदेश की सभी भर्ती संस्थाओं के लिए एक कानून बना सकती है। अगर चाहेगी तो आयोग के लिए अलग-अलग कानून बना सकती है। इस पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद कानूनी रूप देने के लिए विधानसभा में रखा जाएगा।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से नकलरोधी प्रस्ताव का सरकार परीक्षण करेगी और उसके बाद निर्णय लेगी। - शैलेश बगोली, सचिव, कार्मिक