Uksssc Paper Leak: तीन दिन पुलिस कस्टडी रिमांड में रहेगा हाकम, धामपुर और उत्तरकाशी ले जाकर पूछताछ करेगी एसटीएफ
पेपर लीक मामले में उत्तरकाशी का नाम केवल हाकम सिंह के कारण ही सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, यहां के कई और लोग भी हैं, जो इस धांधली में शामिल हो सकते हैं। पिछले दिनों एक महिला जनप्रतिनिधि का नाम सामने आ रहा था। अब पता चला है कि कुछ लोग पहले हाकम सिंह के साथ काम करते थे।
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यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ को मुख्य आरोपी हाकम सिंह की तीन और शिक्षक तनुज शर्मा की दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मिली है। एसटीएफ हाकम सिंह को धामपुर और उत्तरकाशी लेकर जाएगी। बताया जा रहा है कि अभी हाकम सिंह से पूछताछ के बाद तमाम कड़ियां मिलेंगी।
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इसके अलावा अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर उन्हें हल किया हुआ पेपर मुहैया कराने के आरोपी शिक्षक से भी एसटीएफ और पूछताछ करना चाह रही है। 13 अगस्त को एसटीएफ ने शिक्षक तनुज शर्मा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद नौकरियों का सौदागर जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत भी शिकंजे में आया था। पता चला था कि उसने नकल के लिए धामपुर (बिजनौर) में एक फ्लैट को सेंटर बनाया था। वहां दर्जनों अभ्यर्थियों को नकल कराई गई।
इसी सेंटर से उन्हें परीक्षा केंद्रों तक ले जाया गया। यह सेंटर हरिद्वार और कुमाऊं के अभ्यर्थियों के लिए बनाया गया था। इसके अलावा उसने देहरादून और इसके आसपास के अभ्यर्थियों को भी नकल कराई थी। बैंकॉक से लौटते ही एसटीएफ ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। कुछ देर पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन कई सवालों का उत्तर एसटीएफ को नहीं मिला है।
इन्हीं के जवाब ढूंढने के लिए एसटीएफ ने हाकम सिंह रावत की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि न्यायालय ने हाकम सिंह की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। जबकि, शिक्षक तनुज शर्मा की भी दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड दी है। दोनों को मंगलवार सुबह से पुलिस कस्टडी रिमांड में लिया जाएगा।
उत्तरकाशी के कई और सफेदपोश होंगे बेनकाब
पेपर लीक मामले में उत्तरकाशी का नाम केवल हाकम सिंह के कारण ही सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, यहां के कई और लोग भी हैं, जो इस धांधली में शामिल हो सकते हैं। पिछले दिनों एक महिला जनप्रतिनिधि का नाम सामने आ रहा था। अब पता चला है कि कुछ लोग पहले हाकम सिंह के साथ काम करते थे। समय के साथ उनका किसी न किसी बात को लेकर अलगाव हो गया। ऐसे में वे अपनी अलग सत्ता चला रहे थे। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ ने बहुत से अभ्यर्थियों को अपने स्तर से नकल कराई है। एसटीएफ जल्द ही इन सफेदपोशों में से कुछ को पूछताछ के लिए बुला सकती है। इसके बाद इनकी गिरफ्तारी भी संभव है।