Uksssc: पेपर लीक मामले में पंतनगर विवि का पूर्व अफसर गिरफ्तार, बागेश्वर का सहायक अध्यापक निलंबित
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिनेश चंद जोशी निवासी कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी को गिरफ्तार किया गया है। वह वर्ष 2006 से 2016 तक पंतनगर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर (एईओ) था।
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अब पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त अफसर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बिचौलिया के माध्यम से पेपर हासिल किया और इसकी कॉपियों को बेचकर 80 लाख रुपये कमाए थे। वह विवि में परीक्षाएं कराता था। ऐसे में प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कुछ लोगों को जानता था। इन्हीं में से किसी ने उसे पेपर उपलब्ध कराया था।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिनेश चंद जोशी निवासी कुसुमखेड़ा, हल्द्वानी को गिरफ्तार किया गया है। वह वर्ष 2006 से 2016 तक पंतनगर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर (एईओ) था। उसे परीक्षा सेल में भी तैनात किया गया था। आरोपी लखनऊ और अन्य जगहों की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा था। इसके बारे में पहले गिरफ्तार हो चुके लोगों से काफी जानकारियां मिली थीं।
पूछताछ में पता चला है कि उसने हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में अभ्यर्थियों को पेपर बेचे थे। उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में कुछ और लोग रडार पर हैं। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बता दें कि इस मामले में उत्तरकाशी, बिजनौर, लखनऊ, देहरादून, नैनीताल, सितारगंज, ऊधमसिंह नगर आदि जगहों से अब कुल 23 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
मनराल सबसे अधिक मालदार
पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आरोपियों की संपत्तियां जब्त करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए एटीएफ पिछले सप्ताह सभी की रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय को भेज चुकी है। अब तक की जांच में चंदन सिंह मनराल सबसे मालदार है। उसके पास स्टोन क्रशर, ट्रांसपोर्ट का व्यापार समेत अन्य बड़ी प्रॉपर्टी है। उसकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पेपर लीक प्रकरण में बागेश्वर का सहायक अध्यापक निलंबित
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार बागेश्वर जिले में कार्यरत व्यायाम शिक्षक जगदीश गोस्वामी को विभाग ने निलंबित कर दिया है। प्रभारी अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा (कुमाऊं मंडल) रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मलसूना बागेश्वर के सहायक अध्यापक जगदीश गोस्वामी को पिछले दिनों पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद इस संबंध में बागेश्वर के मुख्य शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई थी।
एडी आर्य ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर उत्तराचंल सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली 2003 (संशोधित 2010) में दिए गए प्रावधानों के तहत व्यायाम शिक्षक जगदीश गोस्वामी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि निलंबन की अवधि में गोस्वामी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बागेश्वर से संबद्ध रहेंगे। निलंबन आदेश मुख्य शिक्षा अधिकारी बागेश्वर को भेजा जा चुका है। बताया कि इस प्रकरण में बागेश्वर के मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है।
अभ्यर्थियों को परीक्षा के प्रश्न-उत्तर याद कराए थे
एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में शिक्षक जगदीश गोस्वामी को 20 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। शिक्षक पर आरोप था कि उसने अभ्यर्थियों को कई स्थानों पर ले जाकर परीक्षा के प्रश्न-उत्तर याद कराए थे। उक्त शिक्षक वर्ष 2019 से मलसूना हाईस्कूल में तैनात था। 19 अगस्त से विद्यालय नहीं आया था। उसने स्कूल से अवकाश भी नहीं लिया था।