UKPSC: कार्यकाल खत्म होने के अगले दिन आयोग पहुंचे अध्यक्ष, वीडियो वायरल होने पर शुरू हुआ विवाद
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि किसके इशारे पर सांविधानिक संस्था में छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से राणा काम कर रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच की मांग भी की। उधर, आयोग के सचिव का कहना है कि राणा अपने व्यक्तिगत कार्यों से दफ्तर आए थे।
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राज्य लोक सेवा आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ.जगमोहन सिंह राणा कार्यकाल खत्म होने के अगले दिन भी सरकारी गाड़ी से दफ्तर पहुंचने का मामला सोशल मीडिया पर गरमा गया है। अध्यक्ष का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं शासन बताएगा। उधर, कांग्रेस ने उनके कार्यालय पहुंचने पर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, आयोग के अध्यक्ष पद से डॉ.राकेश कुमार के इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठतम सदस्य डॉ.जेएस राणा को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। 26 अक्तूबर को उनका छह वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया। अभी तक शासन ने दूसरे सदस्य को बतौर कार्यवाहक कुर्सी देने का आदेश जारी नहीं किया है। इस बीच कार्यकाल पूरा होने के बावजूद डॉ.जेएस राणा के शुक्रवार को आयोग के हरिद्वार स्थित कार्यालय पहुंचने पर विवाद पैदा हो गया।
वायरल वीडियो के मुताबिक, जब उनसे आयोग कार्यालय आने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब शासन देगा। जब उनसे पूछा गया कि वह रिटायर हो चुके हैं तो भी उन्होंने शासन से ही पूछने की बात कही और कार का शीशा ऊपर कर लिया। बाद में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रोजाना की तरह डॉ. राणा ने अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठकर कामकाज किया है जो कि नियमानुसार गलत है। इस वीडियो के साथ सोशल मीडिया में दिनभर सवाल उठते रहे।
आयोग कार्यालय में ही छोड़ दी सरकारी गाड़ी
कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सवाल उठाया कि किसके इशारे पर सांविधानिक संस्था में छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से डॉ.जेएस राणा काम कर रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच की मांग भी की। उधर, आयोग के सचिव जीएस रावत का कहना है कि डॉ.राणा अपने व्यक्तिगत कार्यों से दफ्तर आए थे। उन्होंने सरकारी गाड़ी आयोग कार्यालय में ही छोड़ दी है।
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वहीं, सचिव कार्मिक शैलेश बगोली ने कहा कि आयोग के नए अध्यक्ष के संबंध में जल्द आदेश जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, आयोग के नियमों में वरिष्ठ सदस्य को प्रभार दिए जाने का प्रावधान है। उधर, पक्ष जानने के लिए अमर उजाला ने डॉ.जेएस राणा से दूरभाष पर संपर्क किया। लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल पाया। जब भी उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।