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उक्रांद महिला प्रकोष्ठ ने किया आबकारी आयुक्त कार्यालय में प्रदर्शन
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उत्तराखंड क्रांति दल महिला प्रकोष्ठ ने आबकारी आयुक्त कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने आबकारी विभाग को खत्म कर प्रदेश में पूर्ण तरह से शराब बंदी लागू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आयकर विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति की जांच की भी मांग की।
दल के महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष प्रमिला रावत के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में पूर्व रूप से शराबबंदी लागू है जबकि उत्तराखंड में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री सहित तमाम धार्मिक स्थल होने के बाद भी यहां जमकर शराब परोसी जाती है। शराब से उत्तराखंड के नौजवान और उनके परिवार बर्बाद हो रहे हैं। शराब की खुली बिक्री से प्रदेश की छवि धूमिल है।
प्रमिला रावत ने कहा कि केवल राजस्व का रोना रोकर प्रदेश को गर्त में धकेला जा रहा है। दूसरी ओर आबकारी विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। विभाग की ओर से शराब के दुकानों से अवैध वसूली की जा रही है। प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेची जा रही है। शराब मंहगी होने के कारण लोग अधिक दाम पर शराब खरीद रहे हैं, जिसका असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है। इस दौरान शराबबंदी कर महकमे को समाप्त करने और आबकारी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किए जाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों में मीनाक्षी सिंह, गीता बिष्ट ,कमला तोमर ,पुष्पा गोसाई ,विमला, सुनीता, सर्वेश्वर बिष्ट ,लक्ष्मी राणा ,रीना, सुलोचना इष्टवाल, सरोज मेहर ,शांति, नीलम रावत, पूजा , सरोज कश्यप ,मिथिलेश चौहान, वंदना दास, ईशा शर्मा, निवर्तमान कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष आनंद प्रकाश जुयाल आदि मौजूद रहे।
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दल के महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष प्रमिला रावत के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में पूर्व रूप से शराबबंदी लागू है जबकि उत्तराखंड में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री सहित तमाम धार्मिक स्थल होने के बाद भी यहां जमकर शराब परोसी जाती है। शराब से उत्तराखंड के नौजवान और उनके परिवार बर्बाद हो रहे हैं। शराब की खुली बिक्री से प्रदेश की छवि धूमिल है।
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प्रमिला रावत ने कहा कि केवल राजस्व का रोना रोकर प्रदेश को गर्त में धकेला जा रहा है। दूसरी ओर आबकारी विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। विभाग की ओर से शराब के दुकानों से अवैध वसूली की जा रही है। प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बेची जा रही है। शराब मंहगी होने के कारण लोग अधिक दाम पर शराब खरीद रहे हैं, जिसका असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है। इस दौरान शराबबंदी कर महकमे को समाप्त करने और आबकारी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किए जाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों में मीनाक्षी सिंह, गीता बिष्ट ,कमला तोमर ,पुष्पा गोसाई ,विमला, सुनीता, सर्वेश्वर बिष्ट ,लक्ष्मी राणा ,रीना, सुलोचना इष्टवाल, सरोज मेहर ,शांति, नीलम रावत, पूजा , सरोज कश्यप ,मिथिलेश चौहान, वंदना दास, ईशा शर्मा, निवर्तमान कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष आनंद प्रकाश जुयाल आदि मौजूद रहे।
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