{"_id":"6484581b64dffb020d058416","slug":"ukpsc-uttarakhand-state-public-service-commission-chairman-dr-rakesh-kumar-resigns-2023-06-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. कुमार ने दिया इस्तीफा, चर्चाओं में रहा डेढ़ साल का कार्यकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. कुमार ने दिया इस्तीफा, चर्चाओं में रहा डेढ़ साल का कार्यकाल
Sat, 10 Jun 2023 04:52 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 10 Jun 2023 04:52 PM IST
सार
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग अध्यक्ष के रूप में राकेश कुमार का डेढ़ साल कार्यकाल चर्चाओं में रहा। आयोग की तीन परीक्षाओं को पेपर लीक होने से परीक्षा रद्द कर दोबारा करानी पड़ी। इसके साथ ही कुछ परीक्षाओं के पूर्व घोषित कार्यक्रम में बदलाव कर उन्हें नई तिथियों पर आयोजित कराना पड़ा।
विज्ञापन
डा. राकेश कुमार
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समूह-ग भर्तियों का विशेष अभियान चला रहे उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने महज 18 माह बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं, लेकिन कई तरह की चर्चाओं का बाजार भी गर्म है।
विज्ञापन
डॉ. राकेश ने 24 दिसंबर 2021 को छह वर्ष के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष पद संभाला था। काम संभालने के बाद उन्होंने भर्तियों को समय से पूरा करने के लिए कैलेंडर बनवाया। कैलेंडर के हिसाब से उन्होंने 30 परीक्षाएं कराईं। इस बीच उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक होने के बाद राज्य सरकार ने समूह-ग की भर्तियों की जिम्मेदारी भी राज्य लोक सेवा आयोग को सौंप दी।
विज्ञापन
आयोग ने कम संसाधनों के बीच समूह-ग भर्तियों का भी कैलेंडर बनाया और उसी हिसाब से भर्तियां निकालीं। इनमें से पुलिस कांस्टेबल भर्ती तो पूरी भी हो चुकी है। कई भर्तियां अंतिम चयन परिणाम के करीब हैं। 18 माह के कार्यकाल के बाद डॉ. राकेश ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत कारण बताए हैं। राजभवन ने इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है।
विज्ञापन
2020 में वीआरएस ले लिया था
हालांकि कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। डॉ. राकेश कुमार उत्तराखंड कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह अविभाजित उत्तर प्रदेश में सिद्धार्थ नगर और उत्तराखंड में पौड़ी, नैनीताल व देहरादून के डीएम के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 2020 में उन्होंने वीआरएस ले लिया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें आयोग की जिम्मेदारी सौंपी थी।
ये रहीं उपलब्धियां
- भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर तैयार कराया।
- 30 परीक्षाएं आयोजित कर परिणाम जारी कराए।
- कर्मियों की समय से पदोन्नति को डीपीसी बैठकों के लिए सचिवालय में ही व्यवस्था।
- 110 डीपीसी कराई, इसके बाद एक भी डीपीसी लंबित नहीं बची।
- साक्षात्कार में कोड प्रणाली लागू की। विषय विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ई-पोर्टल लांच कराया।
- कई विभागों में समान प्रकृति के पदों के लिए सम्मिलित परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित कराया।
- तेजी से भर्तियां करने के लिए इलेक्शन मोड में परीक्षाओं का आयोजन कराया।
- परीक्षाओं की शुचिता के मद्देनजर डबल लेयर सिक्योरिटी सिस्टम सुनिश्चित किया।
आयोग के दामन पर लगा पेपर लीक का दाग
डॉ. राकेश कुमार के कार्यकाल में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं के पेपर पहली बार लीक हुए। आयोग के अनुभाग अधिकारी ने पटवारी-लेखपाल भर्ती का पेपर लीक किया। इससे आयोग असहज हो गया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने एई भर्ती और जेई भर्ती में भी पेपर लीक की पुष्टि की। तीनों परीक्षाओं को आयोग ने तत्काल रद्द कर दिया, लेकिन पहली बार आयोग के दामन पर पेपर लीक का दाग लग गया।
हालांकि कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। डॉ. राकेश कुमार उत्तराखंड कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह अविभाजित उत्तर प्रदेश में सिद्धार्थ नगर और उत्तराखंड में पौड़ी, नैनीताल व देहरादून के डीएम के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 2020 में उन्होंने वीआरएस ले लिया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें आयोग की जिम्मेदारी सौंपी थी।
ये रहीं उपलब्धियां
- भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर तैयार कराया।
- 30 परीक्षाएं आयोजित कर परिणाम जारी कराए।
- कर्मियों की समय से पदोन्नति को डीपीसी बैठकों के लिए सचिवालय में ही व्यवस्था।
- 110 डीपीसी कराई, इसके बाद एक भी डीपीसी लंबित नहीं बची।
- साक्षात्कार में कोड प्रणाली लागू की। विषय विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ई-पोर्टल लांच कराया।
- कई विभागों में समान प्रकृति के पदों के लिए सम्मिलित परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित कराया।
- तेजी से भर्तियां करने के लिए इलेक्शन मोड में परीक्षाओं का आयोजन कराया।
- परीक्षाओं की शुचिता के मद्देनजर डबल लेयर सिक्योरिटी सिस्टम सुनिश्चित किया।
ये भी पढ़ें...Dehradun News: ट्रेन के इंजन पर चढ़कर सेल्फी ले रहा था युवक, करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलसा
आयोग के दामन पर लगा पेपर लीक का दाग
डॉ. राकेश कुमार के कार्यकाल में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं के पेपर पहली बार लीक हुए। आयोग के अनुभाग अधिकारी ने पटवारी-लेखपाल भर्ती का पेपर लीक किया। इससे आयोग असहज हो गया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने एई भर्ती और जेई भर्ती में भी पेपर लीक की पुष्टि की। तीनों परीक्षाओं को आयोग ने तत्काल रद्द कर दिया, लेकिन पहली बार आयोग के दामन पर पेपर लीक का दाग लग गया।