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उक्रांद की रणनीति पर टिकी सभी की निगाहें
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 11 Mar 2014 03:20 PM IST
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लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल की रणनीति क्या होगी अब इस पर सभी की नजर लगी है। राज्य आंदोलन की लड़ाई लड़ने वाले उक्रांद को राज्य गठन के बाद बहुत बड़ा राजनैतिक लाभ तो नहीं मिल पाया लेकिन इस क्षेत्रीय दल की महत्वाकांक्षा की छटपटाहट कम नहीं हुई।
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25 जुलाई 1979 को मसूरी में पृथक पर्वतीय राज्य की अवधारणा के साथ उत्तराखंड क्रांति दल का गठन हुआ। यूपी के शिक्षा निदेशक और कुमाऊं विश्वविद्यालय के पहले कुलपति रहे स्वर्गीय डा. डीडी पंत इसके संस्थापक अध्यक्ष थे।
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1980 में जीता पहला विधायक
उक्रांद के गठन के मात्र एक साल के भीतर 1980 में हुए चुनावों में रानीखेत विधानसभा क्षेत्र से जसवंत सिंह बिष्ट जीत कर यूपी विधानसभा में पहुंचे। 1985 में काशी सिंह ऐरी डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने।
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1989 में वे फिर जीत कर यूपी विधानसभा पहुंचे। 1993 के विधानसभा चुनाव में ऐरी ने डीडीहाट से जीत की हैट्रिक की। यह वही दौर था जब रानीखेत से जसवंत सिंह बिष्ट भी जीत बरकरार रखी।
राज्य गठन के बाद लोगों की इस दल से उम्मीद नहीं टूटी। 2002 में राज्य के पहले विधानसभा चुनावों में कनालीछीना विधानसभा सीट से काशी सिंह ऐरी जीते तो द्वाराहाट की जनता ने उक्रांद के थिंकटैक माने जाने वाले स्व. विपिन त्रिपाठी को विधायक चुना।
नैनीताल से डा. नारायण सिंह जंतवाल और यमुनोत्री से प्रीतम पंवार को जनता ने विधानसभा भेजा।
लोकप्रियता में आई कमी
2007 के विधानसभा चुनाव में दल का प्रतिनिधित्व घटकर तीन रह गया। द्वाराहाट से पुष्पेश त्रिपाठी, देवप्रयाग से दिवाकर भट्ट, नरेंद्रनगर से ओमगोपाल रावत विधायक चुने गए।
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2012 के विधानसभा चुनाव में उक्रांद पी के काशी सिंह ऐरी ने धारचूला तो पुष्पेश त्रिपाठी द्वाराहाट से चुनाव हारे। उक्रांद डी के दिवाकर भट्ट भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के बावजूद विधानसभा की सीढ़ी नहीं चढ़ पाए।
पांचों सीटों पर उतारेंगे दावेदार
यूकेडी ने लोकसभा चुनाव में पांच सीटों में प्रत्याशी उतारकर अपनी राजनैतिक जमीन को फिर से मजबूत करने की कोशिश शुरू की। मंगलवार को चुनाव रणनीति तय करने के लिए नैनीताल में बैठक होगी। उसी बैठक में किसी अन्य दल के साथ चुनावी गठबंधन पर भी चर्चा होगी।
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उक्रांद (ऐरी गुट) के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने नैनीताल रवाना होने से पहले यहां बताया कि उक्रांद पांचों सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा। चुनावी गठबंधन के बारे में बातचीत चल रही है। नैनीताल में होने वाली बैठक में सब कुछ तय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों के चयन के लिए पैनल बनाया जा रहा है। यही पैनल प्रत्याशियों के नाम तय करेगा।