उड़ान योजना: हल्द्वानी, चिन्यालीसौड़ और गौचर के लिए आठ अक्तूबर से शुरू होगी सीधी हवाई सेवा
जौलीग्रांट एयरपोर्ट के अलावा सहस्त्रधारा हेलीपैड से हवाई सेवाओं का संचालन किया जाएगा।
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उत्तराखंड में उड़ान योजना के तहत हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए हल्द्वानी, चिन्यालीसौड़ और गौचर के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होगी। जौलीग्रांट एयरपोर्ट के अलावा सहस्त्रधारा हेलीपैड से हवाई सेवाओं का संचालन किया जाएगा। आठ अक्तूबर को नई हवाई सेवाएं शुरू होंगी। इसके लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण(यूकाडा) और एविएशन कंपनियों ने तैयारियां पूरी कर ली है।
उत्तराखंड में आठ अक्तूबर से सहस्त्रधारा से चिन्यालीसौड़, गौचर के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो रही है। इसके अलावा जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हल्द्वानी के लिए सीधी हवाई सेवा संचालित होगी। जबकि देहरादून से वाया हल्द्वानी, पंतनगर होते हुए पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू किया जाएगा। अभी तक जौलीग्रांट एयरपोर्ट से गौचर के लिए वाया टिहरी, श्रीनगर होते हुए हवाई सेवा है।
यूकाडा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि गौचर व चिन्यालीसौड़ के लिए सहस्त्रधारा हेलीपैड के साथ जौलीग्रांट एयरपोर्ट दोनों जगह से हवाई सेवा का संचालन होगा। जबकि देहरादून से हल्द्वानी, पंतनगर और पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा जौलीग्रांट एयरपोर्ट से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीधी और सस्ती हवाई सेवा मिलने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
गुरुवार से शुरू कर सकता है पवन हंस टिकट बुकिंग
देहरादून से पिथौरागढ़, हल्द्वानी के बीच हवाई सेवा के लिए पवन हंस गुरुवार से टिकटों की बुकिंग शुरू कर सकता है। यूकाडा की सीईओ स्वाति भदौरिया के अनुसार, आनलाइन बुकिंग के लिए पवन हंस से बात हो चुकी है। बृहस्पतिवार को नए रुटों पर किराया तय कर लिया जाएगा।
ट्रायल के लिए हेलिकॉप्टर को गौलापार में उतारा
हेली सेवा शुरू करने के लिए डीजीसीए (डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) टीम ने हल्द्वानी के गौलापार में हेलीकॉप्टर की उड़ान भराकर ट्रायल किया। ट्रायल के दौरान कमियां मिलने पर डीजीसीए ने उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
देहरादून से डीजीसीए की आठ सदस्यीय टीम बुधवार दोपहर गौलापार स्थित हेलीपैड पहुंची। भ्रमण करने के बाद टीम ने ट्रायल के लिए हेलिकॉप्टर को उड़ाया। हेलिकॉप्टर दो बार उड़ान भरने के बाद नीचे उतारा गया। इस दौरान हेलीपैड की दीवार ऊंची पाई गई। टीम में शामिल विशेषज्ञों ने मौके पर अग्निशमन जवानों से पूछा कि वे हेलीकॉप्टर की आग बुझाने के लिए तैयार हैं या नहीं। जवानों ने जवाब दिया कि उन्हें इसका अनुभव नहीं हैं। ट्रायल लेने के बाद टीम नायब तहसीलदार को दीवार और अग्निशमन की कमियों के बारे में बताकर चली गई।
इस बारे में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि जिला प्रशासन की तैयारी पूरी है। डीजीसीए से स्वीकृति मिलने के बाद हेली सेवा शुरू की जाएगी। इधर एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि डीजीसीए की ओर से बताई गई कमियों को शीघ्र ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। ट्रायल से प्रतीत हो रहा है कि अभी हेली सेवा शुरू करने में समय लगेगा। उड़ान के समय नायब तहसीलदार, काठगोदाम थाने की पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। बता दें कि प्रदेश सरकार उड़ान योजना के तहत देहरादून-हल्द्वानी-पंतनगर और पिथौरागढ़ के लिए शीघ्र ही हेली सेवा शुरू करने जा रही है। इसी कारण हल्द्वानी हेलीपोर्ट को अत्याधुनिक बनाने के लिए सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है।
हेलीपोर्ट के सौंदयीकरण के लिए टेंडर जारी
गौलापार स्टेडियम के पास प्रदेश सरकार ने अत्याधुनिक हेलीपोर्ट बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। दो करोड़ 36 लाख की लागत से हेलीपोर्ट के लिए बिल्डिंग के साथ दो वॉच टावर बनाए जाएंगे। रनवे को भी चौड़ा किया जाएगा। इस मामले में टेंडर भी जारी किए गए हैं। गौलापार में हेलीपोर्ट बनवाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है।