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यू हेल्थ कार्ड धारक नहीं हो पाएंगे डिफाल्टर

Sun, 25 Dec 2016 11:54 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 25 Dec 2016 11:54 AM IST
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U card holder will not be defaulters
doctor

कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए हेल्थ कार्ड अनिवार्य कर देने से अब प्रत्येक कर्मचारी को यू हेल्थ कार्ड का प्रीमियम अनिवार्य रूप से हर वर्ष देना होगा। अभी तक इलाज कराने के बाद लोग प्रीमियम देना बंद करके डिफाल्टर हो जाते थे। ज्यादातर लोगों ने बीमार पड़ने पर ही कार्ड बनवाया। भुगतान न होने पर आधे से अधिक अस्पतालों ने योजना से अपने को अलग कर लिया है।

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यू हेल्थ कार्ड योजना में घपलेबाजी की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक कर्मचारी के लिए इसे अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया, जिसे कैबिनेट ने पास कर दिया है। सोमवार को इसका शासनादेश जारी हो जाएगा। इसके अनिवार्य होने से योजना का सालाना प्रीमियम कर्मचारी के वेतन से लिया जाएगा। अभी तक प्रीमियम धनराशि का ट्रेजरी चालान जमा करना पड़ता था। इससे लाभार्थियों ने मन-मुताबिक प्रीमियम दिया और छोड़ दिया।
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इससे अस्पतालों को विभाग पूरा भुगतान नहीं दे पाया। अधिकांश लोगों ने योजना का कार्ड बीमार पड़ने पर बनवाया। जब तक इलाज चला प्रीमियम जमा किया। इसके बाद योजना छोड़ दी। यू हेल्थ कार्ड कै शलेस योजना होने की वजह से ज्यादातर लोगों ने बड़ी बीमारी होने पर कार्ड बनवाए हैं।
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शुरुआत में योजना कवर में 43 अस्पताल रहे हैं। लेकिन उनका पूरा भुगतान न होने से 29 अस्पतालों ने अपने को योजना से अलग कर लिया है। अब इस योजना का लाभ 14 अस्पताल ही दे रहे हैं। इस योजना में दिल्ली का मेदांता और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट भी शामिल है। इस योजना में इलाज की कोई लिमिट नहीं है। रोगी के इलाज में जितना खर्च आता है दिया जाता है। योजना की प्रीमियम वेतन के ग्रेड पे और पेंशन की बेसिक के लिहाज से कटती है।

यू हेल्थ कार्ड योजना
-25 अक्टूबर 2010 को योजना का शासनादेश जारी
-एक अप्रैल, 2011 से योजना लागू हुई
-अभी तक स्वेच्छा से कार्ड के लिए 13 हजार आवेदन आए
-अंशदान में पांच करोड़ धनराशि राजस्व के रूप में मिली

वर्ष-अस्पतालों का दावा-भुगतान
2011-12-80 लाख-65 लाख
2012-13-दो करोड़(बकाया मिलाकर)- एक करोड़ पांच लाख
2013-14-3.5 करोड़(बकाया मिलाकर)-दो करोड़
2014-15-6.6 करोड़(बकाया मिलाकर)-1.85 करोड़

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