जंगल गई देवरानी- जेठानी की एक दर्दनाक हादसे ने ले ली जान, परिवार में मातम
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जंगल गई देवरानी और जेठानी एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। हादसे में उनकी मौत हो गई। एक महिला का पति गढ़वाल राइफल्स का जवान है जो जम्मू कश्मीर में तैनात है।
हादसा पौड़ी-सबदरखाल-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर हुआ। दोनों महिलाएं जंगल में घास काटने गई थी। जानकारी के मुताबिक, खेड़ा गांव निवासी मकान सिंह रावत का परिवार बाह बाजार (रामकुंड) में रहता है। उनका बड़ा बेटा जगदीश सिंह डाककर्मी और सबसे छोटा बेटा प्रीतम सेना में है।
मंगलवार सुबह जगदीश की पत्नी यशोदा (43) और प्रीतम की पत्नी चंद्रकला (37) घास लेने की जंगल की ओर निकली। घर से कुछ दूर जब वह सड़क के नीचे घास काटने उतरी, तो एक भारी-भरकम पत्थर पहाड़ी से उनके ऊपर आ गिरा।
प्रीतम नहीं कर पाया पत्नी के अंतिम दर्शन
दोनों महिलाएं पत्थर के साथ लुढ़कते हुए गंगा के किनारे पहुंच गई। पत्थर लगने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सौड़ गांव के लोगों ने इस घटना की सूचना बाह बाजार पुलिस को दी। यहां पहुंची पुलिस रस्सों के सहारे खाई में उतरी, जहां से दोनों के क्षत-विक्षत शवों को सड़क में लाया गया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम पौड़ी किशन सिंह और सीओ धन सिंह तोमर भी मौके पर पहुंचे।
जम्मू सेक्टर में तैनात प्रीतम सिंह अपनी पत्नी चंद्रकला का अंतिम दर्शन नहीं कर पाया। गढ़वाल राइफल्स में तैनात सैनिक प्रीतम मंगलवार को पत्नी की मौत की सूचना पर घर की ओर रवाना हो गया। जम्मू तक पहुंचे प्रीतम ने जब बुधवार तक न पहुंच पाने की बात कही।
तब चंद्रकला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। चंद्रकला अपने पीछे 5 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटा छोड़ गई है। वहीं, 80 वर्षीय मकान सिंह अपनी दो बहुओं को खोने से पूरी तरह बदहवास स्थिति में है। होटल चलाने में दोनों बहुएं उनका हाथ बंटाती थी।