हाईटेंशन तार की चपेट में आई बस, करंट से दो यात्रियों की मौत, गुस्साए लोगों ने चार घंटे लगाया जाम
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गौलीखाल से बुधवार को रामनगर जा रही यूजर्स कंपनी की एक बस सड़क पर पड़े हाई वोल्टेज विद्युत तार की चपेट में आ गई, जिससे दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और चार झुलस गए।
झुलस कर घायल हुए यात्रियों को 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। बिजली विभाग की जानलेवा लापरवाही से हुई इस घटना से गुस्साए लोगों ने करीब चार घंटे तक सड़क जाम कर दी। बिजली विभाग के अफसरों के मौके पर पहुंचने के बाद ही लोगों ने जाम हटाया। देर शाम सल्ट थाने में बिजली विभाग और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यूजर्स कंपनी की बस संख्या यूए-12-3887 बुधवार को गौलीखाल से रामनगर को जा रही थी। बस में 30 यात्री सवार थे। सल्ट विकासखंड के मरचूला के पास पेड़ से बंधा हाइवोल्टेज बिजली का तार सड़क पर पड़ा था। जैसे ही बस वहां से गुजरी तो बिजली का तार वाहन के टायरों में लिपट गया।
चालक ने अनहोनी की आशंका के चलते बस को सड़क किनारे खड़ा कर लोगों से बाहर उतरने को कहा। अधिकतर लोग बस से बाहर आ चुके थे लेकिन इस बीच बिजली के नंगे तार के कारण करंट बस में फैल गया और वाहन से उतर रहीं झुमली देवी (65) पत्नी स्व. देव सिंह निवासी भंडार गौलीखाल (पौड़ी गढ़वाल) करंट की चपेट में आ गईं।
उनके साथ ही उन्हें बचाने आए पूरन चंद्र (45) पुत्र चिंतामणि ग्राम डुंगरा सल्ट (अल्मोड़ा) की करंट से मौत हो गई। इसके अलावा डुंगला सल्ट निवासी ज्योति (20) और उनका डेढ़ महीने का बेटा कार्तिक, झुमली देवी की पोती 22 वर्षीय प्रीति पुत्री बल्देव सिंह, 18 वर्षीय मीनाक्षी पुत्री सुरेशानंद झुलसने से घायल हो गए। सहयात्रियों ने 108 एंबुलेंस को बुलवाकर घायलों को रामनगर स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
हादसे की जानकारी मिलने पर आसपास के गांवों के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। चार घंटे बाद विद्युत के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने पर लोगों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई। अधिकारियों से बातचीत के बाद लोगों ने जाम हटाया। विद्युत विभाग रानीखेत के अधिशासी अभियंता अजमल अहमद खान ने फौरी तौर पर मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये के चेक दिए।
उन्होंने विभाग की ओर से भविष्य में दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया। विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने फोन पर जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव और विद्युत विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों का घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम करने और प्रभावितों को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराने को कहा। उधर, एसओ सल्ट जयप्रकाश ने बताया कि विद्युत विभाग और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।