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Dehradun News: पोंजी स्कीम में करोड़ों रुपये ठगने वाली कंपनी के दो अधिकारी गिरफ्तार
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पोंजी स्कीम में लोगों से करोड़ों रुपये निवेश कराकर हड़पने वाली कंपनी के दो अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ जिले के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। मामले में अभी तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। कैंट पुलिस ने इस मुकदमे में पिछले दिनों बैनिंग ऑफ अन रैगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट (बड्स एक्ट) की धाराएं भी जोड़ी थीं।
एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि गत 27 फरवरी को जरीन खान निवासी सरस्वती विहार डाकपत्थर ने सर्वोत्तम एग्रो को-ऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ शिकायत की थी। इस कंपनी के अधिकारियों ने जरीन खान को बतौर एजेंट काम पर रखा था। जरीन खान के माध्यम से लोगों से रुपये जमा कराए गए, लेकिन जब लोगों ने अपने पैसे मांगे तो उन्हें नहीं दिए गए। इस तरह करीब 500 से 600 लोगों से करोड़ों रुपये विभिन्न स्कीम में जमा करा लिए गए। इस शिकायत के आधार पर कैंट थाने में सर्वोत्तम एग्रो के खिलाफ धोखाधाड़ी और चिट फंड अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस क्रम में पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय ने इस तरह के मुकदमों की समीक्षा की और इनमें बड्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई करने को कहा। कैंट पुलिस ने इस मुकदमे में बड्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं। जांच में पता चला कि जालसाजों ने दो कंपनियां खोली हुई हैं। इनमें से एक सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी और दूसरी सर्वोत्तम जनश्री संचय निधि लिमिटेड है। ये दोनों कंपनियां वर्ष 2013 से लोगों का धन जमा कर रही हैं। इन्होंने बरेली में 60 बीघा जमीन भी खरीदी हुई है।
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जांच के दौरान बृहस्पतिवार को कंपनी के अधिकारियों महेश कुमार निवासी अजबपुर कलां और राजेंद्र बिष्ट निवासी जलवायु विहार को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ में इन्होंने कोई वाजिब जवाब नहीं दिया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में अभी मोहम्मद इरफान निवासी हसनपुर शेरपुर विकासनगर, डीके मिश्रा और पंकज मिश्रा फरार चल रहे हैं।
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एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि गत 27 फरवरी को जरीन खान निवासी सरस्वती विहार डाकपत्थर ने सर्वोत्तम एग्रो को-ऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ शिकायत की थी। इस कंपनी के अधिकारियों ने जरीन खान को बतौर एजेंट काम पर रखा था। जरीन खान के माध्यम से लोगों से रुपये जमा कराए गए, लेकिन जब लोगों ने अपने पैसे मांगे तो उन्हें नहीं दिए गए। इस तरह करीब 500 से 600 लोगों से करोड़ों रुपये विभिन्न स्कीम में जमा करा लिए गए। इस शिकायत के आधार पर कैंट थाने में सर्वोत्तम एग्रो के खिलाफ धोखाधाड़ी और चिट फंड अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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इस क्रम में पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय ने इस तरह के मुकदमों की समीक्षा की और इनमें बड्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई करने को कहा। कैंट पुलिस ने इस मुकदमे में बड्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं। जांच में पता चला कि जालसाजों ने दो कंपनियां खोली हुई हैं। इनमें से एक सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी और दूसरी सर्वोत्तम जनश्री संचय निधि लिमिटेड है। ये दोनों कंपनियां वर्ष 2013 से लोगों का धन जमा कर रही हैं। इन्होंने बरेली में 60 बीघा जमीन भी खरीदी हुई है।
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जांच के दौरान बृहस्पतिवार को कंपनी के अधिकारियों महेश कुमार निवासी अजबपुर कलां और राजेंद्र बिष्ट निवासी जलवायु विहार को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ में इन्होंने कोई वाजिब जवाब नहीं दिया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में अभी मोहम्मद इरफान निवासी हसनपुर शेरपुर विकासनगर, डीके मिश्रा और पंकज मिश्रा फरार चल रहे हैं।