{"_id":"62c88e325a19725f46663e1e","slug":"two-officers-of-central-bank-of-india-arrested-for-cheating-city-news-drn41669758","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठगी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के दो अधिकारी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठगी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के दो अधिकारी गिरफ्तार
विज्ञापन
लोगों के बैंक खातों का एसएमएस अलर्ट बदलकर धनराशि निकालने और उससे सोना खरीदकर लाभ अर्जित करने वाले सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के दो अधिकारियों को एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ बिना अनुमति के एक खाताधारक के खाते से 12 लाख रुपये निकालने की शिकायत थी। गिरफ्तार आरोपियों में एक सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय दून में प्रबंधक और दूसरा बदरपुर शाखा दिल्ली में सहायक प्रबंधक पद पर कार्यरत था।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बैंक कर्मियों द्वारा जनता के बैंक खातों में एसएमएस अलर्ट नंबर बदल कर मेहनत की कमाई को उड़ाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था, जिसमें सेलाकुई निवासी पीड़िता सुमन सहगल द्वारा सेंट्रल बैंक सेलाकुई शाखा में बैंक अफसरों द्वारा बिना उनकी अनुमति एसएमएस अलर्ट नंबर बदल कर खाते से 12 लाख रुपये धोखाधड़ी से निकालने की शिकायत की थी। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए साइबर थाने से इंस्पेक्टर त्रिभुवन रौतेला के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
बताया कि टीम ने जब घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, ई-वालेट और बैंक खातों व सीसीटीवी फुटेज का जांच की तो पता चला कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अफसरों द्वारा शिकायतकर्ता की बिना अनुमति के बैंक खाते से गोपनीय जानकारी में परिवर्तन कर नेट, मोबाइल बैंकिंग से ऑनलाइन सोना खरीदा और उसको बेचकर लाभ अर्जित किया जा रहा था। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तीन अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
विज्ञापन
इसके बाद बृहस्पतिवार को दो आरोपी बैंक अफसरों देहरादून के निंबूवाला निवासी अनिरुद्ध थापा और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी निवासी सनी गुलेरी को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। अनिरुद्ध वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बदरपुर दिल्ली में सहायक प्रबंधक और सनी गुलेरी सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रबंधक के पद पर तैनात थे।
निष्क्रिय खातों के साथ करते थे धोखाधड़ी
आरोपी लंबे समय से निष्क्रिय खातों की जानकारी प्राप्त करते खाते का एसएमएस अलर्ट नंबर को बदल देते थे। बाद में नेट और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से इन खातों से धनराशि लिकाकर ऑनलाइन सोना खरीदते थे और फिर इसे बेचकर लाभ कमाते थे। इसके बाद आपस में बांट लेते थे।
विज्ञापन
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बैंक कर्मियों द्वारा जनता के बैंक खातों में एसएमएस अलर्ट नंबर बदल कर मेहनत की कमाई को उड़ाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था, जिसमें सेलाकुई निवासी पीड़िता सुमन सहगल द्वारा सेंट्रल बैंक सेलाकुई शाखा में बैंक अफसरों द्वारा बिना उनकी अनुमति एसएमएस अलर्ट नंबर बदल कर खाते से 12 लाख रुपये धोखाधड़ी से निकालने की शिकायत की थी। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए साइबर थाने से इंस्पेक्टर त्रिभुवन रौतेला के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
विज्ञापन
बताया कि टीम ने जब घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, ई-वालेट और बैंक खातों व सीसीटीवी फुटेज का जांच की तो पता चला कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अफसरों द्वारा शिकायतकर्ता की बिना अनुमति के बैंक खाते से गोपनीय जानकारी में परिवर्तन कर नेट, मोबाइल बैंकिंग से ऑनलाइन सोना खरीदा और उसको बेचकर लाभ अर्जित किया जा रहा था। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तीन अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
विज्ञापन
इसके बाद बृहस्पतिवार को दो आरोपी बैंक अफसरों देहरादून के निंबूवाला निवासी अनिरुद्ध थापा और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी निवासी सनी गुलेरी को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। अनिरुद्ध वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बदरपुर दिल्ली में सहायक प्रबंधक और सनी गुलेरी सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रबंधक के पद पर तैनात थे।
निष्क्रिय खातों के साथ करते थे धोखाधड़ी
आरोपी लंबे समय से निष्क्रिय खातों की जानकारी प्राप्त करते खाते का एसएमएस अलर्ट नंबर को बदल देते थे। बाद में नेट और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से इन खातों से धनराशि लिकाकर ऑनलाइन सोना खरीदते थे और फिर इसे बेचकर लाभ कमाते थे। इसके बाद आपस में बांट लेते थे।