ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में पकड़े दो मुन्नाभाई, एक लाख में हुआ था सौदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस ने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में टेली कम्युनिकेशन परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वाले मुन्ना भाई और ठेका लेने वाले इंस्ट्टीट्यूट संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस का दावा है कि संचालक ने परीक्षार्थी से एक लाख रुपये लेकर अपने साथी को उसके स्थान पर परीक्षा देने भेजा था। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्लेमेंटाउन थानाध्यक्ष दिलबर नेगी ने बताया कि ग्राफिक ऐरा यूनिवर्सिटी के कुल सचिव डा सतीश चंद शर्मा ने थाने पर सूचना दी कि यूनिवर्सिटी में सोमवार को टेली क्म्युनिकेशन का पेपर चल रहा था।
परीक्षा नियंत्रक ने हेमचंद्र बेलवाल के स्थान पर मेहताब खान निवासी गांधी ग्राम को परीक्षा देते हुए पकड़ा है। पुलिस कालेज से मेहताब को लेकर थाने आ गई।
और भी कई राज खुले
पूछताछ हुई तो मेहताब ने बताया कि बसंत विहार में कोचिंग इंस्ट्टीयूट चलाने वाले फरमान निवासी खान मार्केट ऋषि विहार के कहने पर परीक्षा दी है। फरमान ने इसके बदले उसे 50 हजार रुपये दिए थे।
पुलिस ने इसी आधार पर दबिश देकर फरमान को भी पकड़ लिया। एसओ ने फरमान से पूछताछ के आधार पर बताया कि हेमचंद्र बेलवाल ने फरमान को एक लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था।
इससे पहले भी फरमान हेमचंद्र पेपर दे चुका है। पूछताछ में कई अन्य जानकारी भी मिली है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने ठेकेदार और मुन्ना भाई के अलावा ठेका देने वाले छात्र हेमचंद्र बेलीवाल को भी आरोपी बनाया है।
दोनों आरोपियाें को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसएसपी ने पुलिस टीम में शामिल थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी, अरुण त्यागी, कोमल रावत, पंकज कुमार, सतीश कुमार और प्रदीप नौटियाल को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।