फर्जी डिग्री पर असली नौकरी करते दो और शिक्षक आए सामने, अब तक 20 शिक्षकों पर गिर चुकी गाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसआईटी की जांच में जिले के दो और शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी निकले है। इनमें से एक शिक्षिका बहादराबाद में तैनात है, वहीं दूसरा शिक्षक रुड़की ब्लाक में तैनात है। विभागीय अधिकारियों ने दोनों को विभागीय सुनवाई का मौका दिया है। सुनवाई के बाद दोनों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में एकाएक फर्जी शिक्षकों के मामले सामने आ रहे हैं। एसआईटी की जांच में करीब बीस शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी निकल चुके हैं। इसके बाद दो ओर शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। पिछले दिनों बहादराबाद ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय लालढांग में तैनात मनोरमा सुयाल के प्रमाण पत्र एसआईटी ने मांगे थे।
एसआईटी की जांच में पाया गया है कि मनोरमा सुराल ने नौकरी प्राप्त करते समय अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लगाया था, जबकि जांच में स्पृष्ट हुआ है कि वह सामान्य जाति से हैं। इसके चलते अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र फर्जी निकला है।
इसके साथ ही रुड़की ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर में तैनात सुदेश कुमार के भी प्रमाण पत्र मांगे गए थे। एसआईटी की जांच में पाया गया है कि सुदेश कुमार बिजनौर का रहने वाला है, जबकि उसने नौकरी प्राप्त करने में स्थाई निवास प्रमाण शिवालिक नगर का रहने का दर्शाया है।
एसआईटी ने दोनों मामलों में जांच करने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा है। एसआईटी के आदेश के बाद विभागीय अधिकारियों ने दोनों शिक्षकों को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए मौका दिया है।
लालढांग में तैनात मनोरमा सुयाल व महमूदपुर में तैनात सुदेश कुमार को लेकर एसआईटी के आदेश मिल गए हैं। दोनों को अपना-अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
--ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक