दो मेडिकल कॉलेज किए जाएंगे भारतीय सेना के हवाले, ये है वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को सेना को हस्तांतरित करने की कवायद तेज हो गई है। हस्तांतरण से पहले सेना की एक उच्च स्तरीय टीम आगामी 10 से 15 मई के बीच मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण करेगी।
प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए श्रीनगर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई थी। वर्तमान में यहां से एमबीबीएस के चार बैच निकल चुके हैं। लेकिन डॉक्टर बांड भरने के बावजूद पहाड़ चढऩे को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के लिए फैकल्टी ढूंढना भी सिरदर्द बना हुआ है।
सुविधाओं के अभाव के चलते मरीज हो रहे रेफर
अभावों के चलते इस मेडिकल कॉलेज से मरीज रेफर होते रहते हैं। इससे निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव दिया था कि श्रीनगर और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज सेना ले ले। वर्तमान में पुणे में एकमात्र आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहा है।
गत 27 अप्रैल को चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने लखनऊ में सेना के उच्चाधिकारियों से इस मामले पर वार्ता की। डॉ. सयाना ने बताया कि सेंट्रल कमान के मेजर जनरल डीएस भाकुनी को दोनों मेडिकल कॉलेजों की रिपोर्ट और प्रस्ताव सौंप दिए गए हैं। सेना को वर्तमान मे स्टाफ की स्थिति और अन्य संसाधनों के बारे में जानकारी दी गई है। जिसके बाद अब सेना की टीम कॉलेजों का स्थलीय निरीक्षण करेगी।
यह टीम सेना के निर्धारित मानकों का भी मेडिकल कॉलेज के संदर्भ में परीक्षण करेगी। रोगियों के उपचार को लेकर बेस में उपलब्ध उपकरणों, मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी की स्थिति और कॉलेज की बिल्डिंग का भी जायजा लिया जाएगा।