सऊदी अरब में फंसे दो भारतीय, एक जेल में बंद तो दूसरे पर जारी है सितम
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सऊदी अरब में फंसे दो भारतीय जल्द ही वतन लौटेंगे। इनमें एक युवक पांच साल से सऊदी अरब की जेल में बंद है, जबकि दूसरा नौकरी छोड़ने के बाद दर-दर भटक रहा है। परिजनों की मानें तो भारत सरकार से लाख मिन्नतों के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर अब उनके लिए एकमात्र सहारा विभिन्न देशों में फंसे लोगों को स्वदेश भेजने में मदद करने वाले उत्तराखंड के रोशन रतूड़ी (देवदूत के नाम से जाने जाते हैं) हैं। परिजनों ने रतूड़ी से संपर्क साधा है। रोशन रतूड़ी ने भी दोनों को स्वदेश लौटाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
दुबई में आरआर ह्यूमेनिटी देवभूमि उत्तराखंड संगठन चला रहे एक कंपनी के मालिक मूलरूप से उत्तराखंड के बिटूला जिला टिहरी गढ़वाल निवासी रोशन रतूड़ी के फेसबुक एकाउंट पर अमर उजाला में छपी खबर (जिसमें विदेशों में फंसे लोगों को स्वदेश लौटाने का जिक्र था) देखकर सऊदी अरब में फंसे दो भारतीय युवकों के परिजनों ने रोशन से संपर्क साधा। अमर उजाला से बातचीत में रोशन रतूड़ी ने बताया कि जयपुर के रताऊ नागौर (राजस्थान) के गोविंद राम पुत्र मोहन राम 17 सितंबर 2014 से सड़क दुर्घटना के केस में सऊदी अरब (दमाम) की जेल में बंद हैं।
कंपनी के मालिक ने बिना इंश्योरेंस की गाड़ी चलवाई
गोविंद से कंपनी के मालिक ने बिना इंश्योरेंस की गाड़ी चलवाई। दुर्भाग्य से हादसा हो गया और अब कंपनी मालिक उसकी मदद नहीं कर रहा है। हादसे के शिकार व्यक्ति के परिजनों को भारतीय करेंसी में 64 लाख रुपये दिया जाना है। रताऊ गांव के लोगों ने अब तक 30 लाख रुपये चंदा एकत्रित कर लिया है। परिजनों ने उसे छुड़ाने के लिए राजस्थान सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई। पर सुनवाई नहीं हुई है।
इसी तरह गोविंदगढ़ जिला अजमेर का खलील अहमद पुत्र कमरुद्दीन रंगरेज भी सऊदी अरब के दमाम शहर में मुफलिसी का जीवन जी रहा है। यहां कंपनी के मालिक ने गाड़ी के वर्कशॉप में काम कराया और चार माह तक वेतन नहीं दिया। रुपये मांगने पर कंपनी मालिक ने चोरी का आरोप लगाकर उसे जेल भिजवा दिया, जहां से तीन घंटे बाद छोड़ दिया गया।
विदेश जाने के लिए 18 प्रकार के वीजा बनाए जाते हैं
परिजनों ने बताया कि खलील ने भारत लौटने के लिए दूतावास के चक्कर लगाए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। आरोप है कि हेल्पलाइन नंबर पर भी कोई सुनने वाला नहीं है। इस बारे में बात करने पर समाज सेवी रोशन रतूड़ी ने बताया कि विदेश जाने के लिए 18 प्रकार के वीजा बनाए जाते हैं।
टूरिस्ट वीजा पर यहां आकर भारतीय लोग फंस जाते हैं। परिजनों से कागजात मांगे हैं, जल्द ही इनको स्वदेश लौटाया जाएगा। उन्होंने भारत सरकार से टूरिस्ट वीजा पर आने के बाद विदेशों में फंसने वाले लोगों के लिए कानून में सरलीकरण करने और दमाम की जेल में बंद राजस्थानी युवक को सकुशल घर लौटाने में मदद की मांग की है।