हरिद्वार: धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने दो हिंदू परिवार, पंचायत ने गांव से किया बहिष्कार
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हरिद्वार के एक गांव एक्कड़ कलां के दो परिवारों ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया। दो परिवारों के धर्मपरिवर्तन के गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में ग्रामीणों ने तय किया कि दोनों परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और कोई भी उनसे कोई संबंध नहीं रखेगा।
इधर, हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी वापसी कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार गांव के मांगेराम और टेकचंद ने कुछ समय पूर्व ईसाई धर्म अपना लिया था। इसकी जानकारी कुछ समय पहले ही ग्रामीणों को मिली।
इसके बाद से गांव में इस बात को लेकर पंचायतों का दौर शुरू हो गया था। बृहस्पतिवार को हिंदू संगठनों से जुड़े पदाधिकारी गांव पहुंचे। आनन फानन में गांव में फिर पंचायत बुलाई गई। तय हुआ कि ईसाई धर्म अपना लेने वाले परिवारों का बहिष्कार किया जाएगा, उनसे कोई भी ग्रामीण संबंध नहीं रखेगा।
हिंदू संगठनों ने पंचायत में परिवारों को भी बुलाया गया और उन्हें वापस हिंदू धर्म में आने की बात कही गई। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी भोले भाले लोगों को बहला फुसलाकर धर्म परिवर्तन करा रही है। गरीब परिवारों को आर्थिक लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया है।
पंचायत में बजरंग दल के प्रांतीय नेता अनुज वालिया, जिला सह संयोजक जिवेंद्र तोमर, धर्मेंद्र चौहान, सुशील ने कहा कि दोनों परिवारों को किसी भी हालात में ईसाई धर्म नहीं अपनाने दिया जाएगा।
पंचायत में सुशील, करण, अमित, राजकुमार, निखिल कश्यप सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। एसओ आशुतोष चौहान से जब इस संबंध में जानकारी चाही गई तो उनका कहना था कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।