नैनीताल हाईवे पर कार हादसे में भाई-बहन की मौत
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उत्तराखंड में नैनीताल हाईवे पर कर्णप्रयाग तहसील मुख्यालय के समीप पाडली में एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पिंडर नदी में समा गई। दुर्घटना में एक महिला और युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि वाहन चालक लापता बताया जा रहा है। दुर्घटना शनिवार देर रात की है।
गैरसैंण ब्लाक के माइथान क्षेत्र के कलचुंडा निवासी और माइथान व्यापार संघ के अध्यक्ष चंद्रमणि उप्रेती (41) पुत्र स्व. पदम राम को उसकी बहन पास्तोली (थराली) निवासी विमला देवी (43) पत्नी स्व. कुंदा नंद ने सूचना दी कि वह बीमार है।
दुर्घटना में मृतक चंद्रमणि के भाई हरिदत्त उप्रेती ने बताया कि चंद्रमणि ने शनिवार अपराह्न करीब तीन बजे माइथान से कोट निवासी हरीश नैनवाल (36) पुत्र सुरेशानंद की कार बुक कराई और कुलसारी में बहन को देखने पहुंचा।
अधिक बीमार होने पर चंद्रमणि और हरीश विमला को कर्णप्रयाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग ला रहे थे कि रात्रि में पाडली के तीखे मोड़ पर वाहन सड़क से नीचे खाई में गिर गया और गहरी नदी में समा गया।
शवों को नदी से निकाला
हादसे में चंद्रमणि और विमला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि हरीश नैनवाल लापता बताया जा रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी प्रदीप राठौर, प्रभारी नायब तहसीलदार किशन गिरी सहित प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को नदी से निकाला।
सूचना पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। एसपी ने लापता शव को तलाशने के निर्देश दिए। पुलिस और आईटीबीपी के गोताखोर लापता चालक को ढूंढने के लिए अभियान चला रहे थे।
सूचना पर गैरसैंण के माईथान बाजार में शोक छा गया है। लोगों का कहना है कि चंद्रमणि उप्रेती व्यापार संघ अध्यक्ष होने के साथ साथ ग्राम प्रहरी भी था। घटना पर कर्णप्रयाग के विधायक डा. एपी मैखुरी, जीएमवीएन के निदेशक सुरेश बिष्ट, गैरसैंण के व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह आदि ने दु:ख प्रकट किया है।
8 दिन, 3 दुर्घटनाएं और 4 की मौत
जनवरी 2015 के अंतिम सप्ताह में हुई लगातार वाहन दुर्घटनाओं से चमोली जनपद का कर्णप्रयाग ब्लाक और आस-पास का इलाका सहमा हुआ है। वसंत पंचमी से शुरू हुआ वाहन दुर्घटनाओं का सिलसिला यहां शनिवार रात्रि तक जारी रहा। पिछले आठ दिनों में अब तक तीन वाहन दुर्घटनाओं में चार की मौत हो चुकी है जबकि चार घायल और एक लापता है। ऐसे में सड़क सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वसंत पंचमी पर 24 जनवरी को नारायणबगड़ से नलगांव आ रही बारात का सूमो वाहन पिंडर नदी में समा गया था जिसमें चालक की मौत सहित एक घायल हो गया था। यही नहीं 26 जनवरी को कर्णप्रयाग के गौचर में बदरीनाथ हाईवे पर आईटीबीपी के पास पर्यटकों की कार खाई में जा गिरी जिसमें गुड़गांव हरियाणा के एक छात्र की मौत सहित तीन घायल हो गए थे।
अब शनिवार की रात्रि और जनवरी के अंतिम दिन नैनीताल हाईवे वाहन दुर्घटना का गवाह बना जिसमें दो की मौत और एक लापता हो गया। लगातार हुई दुर्घटनाओं से जहां कर्णप्रयाग सहमा हुआ है। वहीं सड़कों की बदहाल स्थिति को लोग जिम्मेदार बता रहे हैं।
मटियाला के प्रधान विक्रम सिंह, चूलाकोट के पूर्व प्रधान हेमंत सेमवाल, हयात सिंह गुसाईं सहित कई लोगों का कहना है कि नैनीताल हाईवे पर पाडली में सड़क का पुश्ता कई सालों से क्षतिग्रस्त पड़ा है जबकि यहां पैराफिट भी नहीं है। लगातार मांग के बावजूद यहां पुश्ता निर्माण नहीं हो पाया जहां शनिवार को एक कार अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी।
दुर्घटना में मृतकों के प्रति राज्य सरकार पूरी तरह संवेदना जताती है। और पूरी मदद का आश्वासन भी देती है, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाएं भी चिंता का विषय है। सड़कों की पड़ताल कर स्थिति सुधारी होगी। साथ ही जागरूकता से भी दुर्घटनाएं रोकने का प्रयास किया जाएगा।
-डा.अनुसूया प्रसाद मैखुरी विधानसभा उपाध्यक्ष, उत्तराखंड।