गैरसैंण की वास्तविक स्थिति क्या है इस पर विपक्ष के हमले के साथ विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन की शुरूआत हुई। सदन की कार्यवाही के दौरान भोजन माताओं का मानदेय न बढ़ाने पर विपक्ष ने वॉकआउट किया। उन्होंने कहा कि 01 अगस्त 2016 को मानदेय बढ़ाया गया था, लेकिन अभी तक भोजन माताओं को बढ़ा हुआ मानदेय नहीं मिला है।
गैरसैंणः विपक्ष ने किया सत्र का बायकॉट, सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
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वॉक ओवर के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजकर 15 मिनट पर फिर शुरू हुई। लेकिन बीजेपी विधायक गैरसैंण पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर वेल में उतर आए। इस दौरान विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गैरसैंण को जिला या राजधानी बनाने की मांग को लेकर हंगामा किया। विधायकों का कहना है कि जब तक गैरसैंण पर स्थिति साफ नहीं करेगी सत्र को नहीं चलने दिया जाएगा। जिसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और रामनगर को जिला बनाने की मांग को लेकर लोग विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठे हैं।
हंगामे के बीच सरकार ने सदन में कुल 14 बिल पास किए। इनमें से दो बिल ऐसे हैं जिन्हें राज्यपाल द्वारा लौटाया गया था। इससे गुस्साए विपक्ष ने पूरे सत्र का बायकॉट कर दिया। विपक्ष ने उत्तराखंड सरकार पर गैरसैंण पर गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने संसदीय मर्यादा तोड़ी है। विपक्ष ने कहा कि गैरसैंण पर सरकार ने सदन में एक शब्द भी नहीं कहा। सरकार यूनिवर्सिटी के बिल पास कराने के लिए गैरसैंण में आई है।
उधर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि विपक्ष आधिकारिक तौर पर लिखकर दे कि गैरसैंण पर क्या चाहता है। जिसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि हमने लिखकर ही तो दिया है कि सरकार स्पष्ट करे कि वो गैरसैंण पर क्या चाहती है। शुक्रवार को सदन के दूसरे दिन सत्र में विपक्ष मौजूद नहीं रहेगा। सरकार अकेले सत्र चलाएगी। शुक्रवार को सत्र में अनुपूरक बजट पास होगा।तीन बजे बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि हम सातवीं बार गैरसैंण में आए हैं। हम यहां क्या कर रहे हैं। सरकार स्थायी राजधानी का मामला साफ करे। भट्ट ने कहा कि घोषणा के बाद सरकार का शासनादेश आया। सरकार गैरसैंण पर अपना स्टैंड क्लीयर करें। वहीं बीजेपी विधायक सुरिंदर सिंह जीना बोले कि उत्तराखंड सरकार ने गैरसैंण को राज्य अतिथि गृह बना दिया है।