{"_id":"65df887c6816ac6db006cbda","slug":"two-day-national-seminar-on-indian-culture-knowledge-dehradun-news-c-5-1-drn1030-360540-2024-02-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: भारत दर्शन राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 78 चित्र प्रदर्शित किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: भारत दर्शन राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 78 चित्र प्रदर्शित किए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
I- एमकेपी पीजी कॉलेज में भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
I
I
I
I- विभिन्न राज्यों समेत उत्तराखंड के छात्रों के चित्र प्रदर्शित किए गएI
एमकेपी पीजी कॉलेज के चित्रकला विभाग में बुधवार को भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं भारत दर्शन कला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद दिल्ली की ओर से इस कार्यक्रम में भारत दर्शन राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 78 चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, कश्मीर, दिल्ली राज्यों से वरिष्ठ चित्रकार और उत्तराखंड के छात्रों के बनाए चित्र शामिल हैं।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि भारतीय संस्कृति का उद्घोष संपूर्ण विश्व में गूंज रहा है। विश्व भारत की ओर आशा की दृष्टि से देख रहा है। इसलिए ऐसे आयोजन आज की आवश्यकता है। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. ममता सिंह ने बताया कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने, भारतीय इतिहास को जानने के लिए यह सद्प्रयास किया गया है। प्रथम सत्र में प्रो. संजीव शर्मा ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा के राजनैतिक व आर्थिक परिप्रेक्ष्य के बारे में बताया। डॉ. एल्वी दास ने प्राचीन भारतीय अर्थशास्त्रीय व्याख्यान दिया। डॉ. सरिता कुमार ने वैदिक गणित की सरल व्याख्या, कलाकार डॉ. रामशब्द सिंह ने भारतीय लोककला पर व्याख्यान में संस्कृति को प्रस्तुत किया। चतुर्थ सत्र में डॉ. ओपी मिश्रा ने चित्र सृजन के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रशिक्षित किया।
इस दौरान डॉ. रीना चंद्रा, डॉ. अनुपमा सक्सेना, डॉ. संगीता खुल्लर ने सत्र अध्यक्षता की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोफेसर संजीव शर्मा, कलाकार प्रोफेसर रामशब्द सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सुधा रानी पांडे, डॉ. हरिओम शंकर, डॉ. निशु भाटी, डॉ. शालिनी उनियाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
I
I
I
I- विभिन्न राज्यों समेत उत्तराखंड के छात्रों के चित्र प्रदर्शित किए गएI
एमकेपी पीजी कॉलेज के चित्रकला विभाग में बुधवार को भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं भारत दर्शन कला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद दिल्ली की ओर से इस कार्यक्रम में भारत दर्शन राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 78 चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, कश्मीर, दिल्ली राज्यों से वरिष्ठ चित्रकार और उत्तराखंड के छात्रों के बनाए चित्र शामिल हैं।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि भारतीय संस्कृति का उद्घोष संपूर्ण विश्व में गूंज रहा है। विश्व भारत की ओर आशा की दृष्टि से देख रहा है। इसलिए ऐसे आयोजन आज की आवश्यकता है। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. ममता सिंह ने बताया कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने, भारतीय इतिहास को जानने के लिए यह सद्प्रयास किया गया है। प्रथम सत्र में प्रो. संजीव शर्मा ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा के राजनैतिक व आर्थिक परिप्रेक्ष्य के बारे में बताया। डॉ. एल्वी दास ने प्राचीन भारतीय अर्थशास्त्रीय व्याख्यान दिया। डॉ. सरिता कुमार ने वैदिक गणित की सरल व्याख्या, कलाकार डॉ. रामशब्द सिंह ने भारतीय लोककला पर व्याख्यान में संस्कृति को प्रस्तुत किया। चतुर्थ सत्र में डॉ. ओपी मिश्रा ने चित्र सृजन के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रशिक्षित किया।
विज्ञापन
इस दौरान डॉ. रीना चंद्रा, डॉ. अनुपमा सक्सेना, डॉ. संगीता खुल्लर ने सत्र अध्यक्षता की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोफेसर संजीव शर्मा, कलाकार प्रोफेसर रामशब्द सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सुधा रानी पांडे, डॉ. हरिओम शंकर, डॉ. निशु भाटी, डॉ. शालिनी उनियाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन