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इनकी जांबाजी की दास्तां पढ़ कहेंगे, 'शाबाश जवान'
ब्यरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 23 Aug 2015 02:58 AM IST
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चीता पुलिस के दो कर्मचारियों ने अपनी जांबाजी से एक जिंदगी बचा को लिया। पुलिस के जवानों ने साहस दिखाया तो पानी के बीच फंसे गौरव ने हिम्मत। चोट लगने के बावजूद गौरव ढांग को पकड़े रहा। इसी बीच पुलिसकर्मी रात के अंधेरे में रपटे के उफनते पानी में उतर गए। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने गौरव को बचाकर किनारे लाए।
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बृहस्पतिवार देर रात तेज बारिश के कारण रामगढ के रपटे में पानी उफान पर था। गौरव खुश किस्मत था कि बाइक समेत बहने पर उस पर एक ग्रामीण ने देख लिया। उसने सही समय पर पुलिस को खबर कर दी।
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सूचना मिलते ही चीता मोबाइल में शामिल सिपाही सोहन सिंह और इकरार मौके पर पहुंच गए। इस बीच गौरव की बाइक तो मिल गई, लेकिन गौरव का अता-पता नहीं था।
तेज बारिश और अंधेरी रात, पर नहीं हारी हिम्मत
तेज बारिश और अंधेरी रात में गौरव को ढूंढना असंभव लग रहा था। लेकिन पुलिस के जवानों ने हिम्मत नहीं हारी। वह गौरव को आवाज लगाते हुए बढ़ते चले गए। काफी दूर जाने के बाद उन्हें गौरव का जवाब मिला। उफनते पानी के बीच गौरव एक ढांग पर लटका दिखाई दिया।
इसके बाद दोनों सिपाहियों ने उसकी हौसला आफजाई की। इसी बीच नया गांव चौकी प्रभारी पीडी भट्ट रस्से आदि लेकर मौके पर पहुंच गए। सिपाही इकरार ने बताया कि रस्सी पकड़कर वह पानी में उतरे, लेकिन पानी के बहाव के आगे टिकना मुश्किल हो रहा था। अंधेरे में माहौल भयावह था।
सोहन सिंह ने बताया कि गौरव की हिम्मत की दाद देनी होगी। चोट लगने के बावजूद उसने जीवन की आस नहीं छोड़ी थी और ढांग से किसी करिश्मे की उम्मीद लगाए बैठा था। बचने के बाद गौरव ने भी पुलिस कर्मचारियों को फरिश्ता ही बताया।
इसके बाद दोनों सिपाहियों ने उसकी हौसला आफजाई की। इसी बीच नया गांव चौकी प्रभारी पीडी भट्ट रस्से आदि लेकर मौके पर पहुंच गए। सिपाही इकरार ने बताया कि रस्सी पकड़कर वह पानी में उतरे, लेकिन पानी के बहाव के आगे टिकना मुश्किल हो रहा था। अंधेरे में माहौल भयावह था।
सोहन सिंह ने बताया कि गौरव की हिम्मत की दाद देनी होगी। चोट लगने के बावजूद उसने जीवन की आस नहीं छोड़ी थी और ढांग से किसी करिश्मे की उम्मीद लगाए बैठा था। बचने के बाद गौरव ने भी पुलिस कर्मचारियों को फरिश्ता ही बताया।